maneka gandhi

मेनका गांधी ने कहा है कि ग्रामीण पत्रकार सबसे बड़े मददगार हैं। सरकार की योजनाएं गांव, गरीब तक पहुँचाने में उनकी बड़ी भूमिका है, लेकिन वर्तमान हम राजनीति में अटक जा रहे हैं, विकास की बात गौण हो जा रही है। श्रीमती गांधी ने कहा कि बिना लांछन के पर्सनल लड़ाई से बचकर मैं चाहती हूं कि आप लोग अच्छी स्टोरी फाइल करें।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद मेनका गांधी दो दिवसीय दौरे पर संसदीय क्षेत्र सुल्तानपुर में  हैं। गुरुवार को उनके निवास पर फरियादियों का तांता लगा। तभी एक फरियादी  लम्भुआ क्षेत्र में पेड़ कट जाने की शिकायत लेकर पहुंच गया।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (CAA) के होने के बाद से ट्वीटर से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर एग्रेसिव हैं। मीडिया में उनके अब तक कई बयान आ चुके हैं। इसी क्रम में सोमवार 30 दिसम्बर को राज्यपाल को सीएए और एनआरसी को लेकर ज्ञापन सौंपा।

योगी सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री रमा शंकर पटेल ने यहां कहा कि किसी गांव में बिजली कम है तो वहां कोई जिम्मेदार है तो पूर्ववर्ती सरकार के लोग जिम्मेदार हैं।

इस ट्वीट के एक घंटे के अंदर मेनका गांधी सक्रिय हो गईं, उन्होंने बंदर की मदद के लिए कार भेज दी। खास बात यह है कि मेनका गांधी एनिमल राइट्स से जुड़ी हैं और जानवरों से प्यार के लिए जानी जाती हैं, मेनका गांधी के इस काम के लिए उनकी तारीफ हो रही हैं।

सुल्तानपुर सांसद मेनका संजय गांधी आज बदले अंदाज में नजर आईं। अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन आज धनपतगंज मण्डल के पीरोसरैया में सभा को संबोधित करते हुए मेनका गांधी ने कहा कि मैं ये नहीं पूछती हूं कौन किस जाति का है। किसने वोट दिया किसने नहीं दिया। रात गई और बात गई मैं केवल ये देखती हूं के आपको किस चीज की जरूरत है, एक मां के नाते मैं हर प्रयास करूंगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद मेनका गांधी आज अपने दो दिवसीय दौरे पर संसदीय क्षेत्र सुल्तानपुर पहुंची। वो यहां कोतवाली देहात के भुलकी गांव पहुंची, यहां बीते दिन हाईटेशन तार से दंपत्ति की मौत हुई थी।

इस बात को स्वयं भाजपा की जिला मंत्री ने अपनी आंखों से देखा तो स्टाफ को लताड़ लगाते हुए सीएमएस से बात की। और सीएमएस ये कहकर अपना पल्ला झाड़ गए के डाक्टर हमारी सुनते ही नही। गुरुवार रात कई घंटों तक बेपटरी रही इमरजेंसी में क्या कुछ हुआ अब हम आपको बताते हैं। वैसे आपको बता दें इस समय वरुण की माँ वहां से सांसद हैं। 

23 जून 1980 की सुबह सबसे पहले यह खबर बीबीसी ने दी थी कि संजय गांधी नहीं रहे। तब यह अफवाह आम थी कि अचानक हुए इस हादसे के पीछे किसी का हाथ है। अफवाहों के इस जंगल में इंदिरा की भूमिका को लेकर भी तमाम तरह के सवाल लोगों के जेहन में घुमड़ रहे थे। सवाल एक था कि संजय की मौत एक दुर्घटना थी या सोची समझी साजिश जिसमें थी किसी खास की भूमिका।

यदि मेनका गांधी प्रोटम स्पीकर नहीं भी बनती है तो उनके लोकसभा अध्यक्ष बनने की संभावना है। क्योकि वह लगातार आठ बार सांसद रह चुकी हैं और वरिष्ठता के लिहाज से उनके स्पीकर बनने की संभावना प्रबल है।