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श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाएं जाने के बाद से लगातार घाटी में अमन-चैन और खुशहाली का माहौल का कायम हो रहा है। घाटी में फिर से चहल बढ़ने लगी है। इन्टरनेट सेवा की बहाली के साथ ही यहां पर विकास से जुड़े कार्य भी अब तेजी से शुरू कर दिए गये हैं। लेकिन …

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में देश की रक्षा करते-करते आतंकवादियों की गोली का शिकार होने के बाद इस शहीद की याद में स्मारक बनाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से भूमि दी गई थी

रेलवे स्टेशन पर जहां पुलिस फायरिंग और फांसी के तख्ते पर चढ़े क्रान्तिकारियों की याद में शहीद स्थल बना है तो वहीं थानापरिसर में भी गुस्साई भीड़ द्वारा थाने में आग लगाए जाने से मारे गए 23 पुलिस वालों की याद में शहीद स्मारक बना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्द्ध सैनिक बल व पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

विगत वर्ष में उत्तर प्रदेश में नौ पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी। बुद्धवार को पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में प्रात: आठ बजे से परेड फालिन, सलामी परेड, शहीद नामावली का नाम वाचन, शहीद स्मारक पर रीथ अर्पण, पुष्प अर्पण, परेड द्वारा शोक शस्त्र की कार्रवाई, परेड को उल्टा शस्त्र की स्थिति में गुजारने व परेड विसर्जन की कार्रवाई हुई।

बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा, सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर महेश कुमार यादव, सब इंस्पेक्टर नेबूलाल, सिपाही जितेन्द्र कुमार पाल, सुल्तान सिंह, राहुल कुमार और बबलू कुमार के परिजनों को सम्मानित किया गया।

दुश्मनों के खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए निकले सैनिकों की ट्रक अरुणाचल प्रदेश में खाई में जा गिरी। इस हादसे में बिहार के गया जिला के अलीपुर थाना के केसपा निवासी रौशन कुमार समेत कई जवानों की मौके पर मौत हो गया।

सपा मुखिया अखिलेश यादव  ने कहा कि कारगिल का युद्ध दुनिया के सबसे खतरनाक युद्धों में गिना जाता है। हमारे जवानों ने अपने देश की धरती की सुरक्षा और राष्ट्रध्वज तिरंगे की शान बचाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी कुर्बानी कभी भुलाई नहीं जा सकती है।

शहीद दीपक पाण्डेय का पार्थिव शरीर जब शुक्रवार को घर पंहुचा तो कोहराम मच गया। दीपक की माँ और पिता बेटे के पार्थिव शरीर को देख बेसुध हो गए। दीपक के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए पूरा कानपुर शहर उमड़ पड़ा।

जम्मू कश्मीर के बड़गाम में शहीद हुए विशाल पांडेय का शव पंचतत्व में विलीन हो गया। देर रात हरिश्चन्द्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। शहीद विशाल पांडेय के पिता विजय शंकर पांडेय ने मुखाग्नि दी।