mayawati

मायावती अपने जन्मदिन के अवसर पर मेरे संघर्षमय जीवन एवं बी.एस.पी. मूवमेन्ट का सफरनामा शीर्षक से अपनी पुस्तक के हिन्दी व अंग्रेजी संस्करणों के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उ0प्र0 की पूर्व मुख्यमंत्री बहन कुमारी मायावती के 64वें जन्मदिन पर आयोजित जन कल्याण दिवस समारोह में जुटे हजारों..

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती आज अपना 64वां बर्थडे मनाया जा रहा है। वो उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में दलित राजनीति का चेहरा बनी मायावती का जन्मदिन चर्चा में बना रहता है।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के कैबिनेट के फैसले पर सरकार पर तंज कसा है।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) क खिलाफ सोमवार को राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गयी है। एक ओर सीएए को लेकर कांग्रेस विपक्षी दलों की एकता दिखाने की तैयारी में जुटी है, तो वहीं विपक्षी एकता इस मुद्दे में खतरे में नजर आ रही है।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर लगातार हमलावर हैं। मायावती ने शनिवार को ट्वीट कर कहा बीएसपी किसी भी मामले में कांग्रेस, बीजेपी और अन्य पार्टियों की तरह अपना दोहरा मापदंड अपनाकर घटिया राजनीति नहीं करती है। जिसके कारण आज पूरे देश में हर तरफ किसी …

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भड़की हिंसा के बाद यूपी पुलिस की कार्रवाई को लेकर काग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बाद अब बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी योगी सरकार पर हमलावर हो गई है।

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती को उनके ही विधायकों ने तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, शुक्रवार को बसपा के छः दिग्गज विधायकों ने पार्टी से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली।सभी विधायक राजस्थान के हैं।

मायावती ने गुरूवार को ट्वीट किया कि कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से माताओं का गोद उजड़ना अति-दुखद और दर्दनाक है। इसके बाद भी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं और उनकी सरकार इसके प्रति अभी भी उदासीन, असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार बने हुए हैं।

देश की लगभग 130 करोड़ जनता को सही संवैधानिक आधार पर ’’भारतीय’’ मानने के बजाय उन्हें ’’हिन्दू’’ मानने की आर.एस.एस. व बीजेपी सरकार की संकीर्ण व साम्प्रदायिक सोच व मानसिकता का ही परिणाम है कि संविधान की मूल मानवतावादी भावना/मंशा हर जगह नष्ट होती हुई दिखाई पड़ रही है।