mid day meal

उत्तर प्रदेश के हरदोई में मगंलवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। हरदोई के शाहाबाद कस्बे के पठकाना प्राइमरी स्कूल में खाना बनाते समय जोरदार आवाज के साथ कूकर फट गया जिससे झुलस कर दो महिला रसोइयां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

दरअसल शाहजहांपुर के बीएसए राकेश कुमार ने एक लिखित आदेश सभी सरकारी स्कूलों को जारी किया है। जिसमे कहा गया है। अब सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक को एक रजिस्टर बना लें। उसके बाद मिड डे मिल के लिए मिलने वाले गेंहूं को आटा चक्की पर पिसवाने के आदेश जारी किए है।

अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद अब आज से प्रदेश के सभी जनपदों के परिषदीय स्कूलों मे ये नियम लागू हो गया है। इतना ही नहीं जो बच्चे गैर हाजिर होंगे उनके नाम के आगे लाल स्याही से निशान लगाने के लिए कहा गया है।

कानपुर: पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बने मध्यान भोजन में छिपकली गिर जाने से पूरा खाने में जहर फ़ैल गया। उस भोजन को जब बच्चो ने खाया तो उन्ही उल्टिया शुरू हो गयी। बच्चो की बिगडती हालत देख कर टीचर और प्रिंसिपल के हाथ पैर फूल गए। बच्चो की हालत बिगड़ने की सूचना जब बच्चो के …

कानपुर: यूपी के कानपुर में मिड डे मील के नाम पर बच्चो के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है l शनिवार को बच्चो के लिए मिड डे मील में सब्जी चावल आया था और जब बच्चो को भोजन परोसा गया तो बच्चो ने अपनी प्लेट पर चावल के साथ कीड़े और घुन देखे …

नई दिल्ली: दिल्ली के एक स्कूल में मिड डे मील खाने पर करीब 9 बच्चे अचानक बीमार हो गए। ख़बरों की मानें तो मिड डे मील में मरा हुआ चूहा पाया गया, जिसकी वजह से बच्चों की हालत बिगड़ गई। बच्चों को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई …

अपर नगर मजिस्ट्रेट की अगुवाई में जब फ़ूड विभाग की टीम ने किचन का निरिक्षण किया तो बचा हुआ खाना टंकियो में सड़ रहा था। चावल की बोरियों में मरे हुए चूहे और बीट पाई गई। चारों तरफ जबर्दस्त गंदगी फैली हुई थी।

हाथरसः यहां के सहपऊ इलाके के नागला प्रेम सिंह गांव के प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद तमाम बच्चे बीमार हो गए। मंगलवार दोपहर ये घटना हुई। पहले तो गांववाले सभी का इलाज करते रहे। बाद में हालत बिगड़ने पर 11 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया। क्या है मामला? नागला …

कक्षा दो के बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर में एक दिन आगे तक की दर्ज मिली। पूरे स्कूल में भले ही 4 बच्चे हों, लेकिन रजिस्टर में हर कक्षा में बच्चों की खासी तादाद है। मिड डे मील के नाम पर बच्चों को कभी भोजन नहीं मिला और न फ्रूट डे पर कभी कोई फल आया ।कागजों में बच्चों की उपस्थिति दिखा कर इनके हिस्से का खाना प्रधान और अध्यापक हजम कर रहे हैं।

उज्जैनः मिड डे मील देने वाली संस्था बीआरके लिमिटेड ने 3 दिन तक मदरसे से भोजन वापस आने के बाद अब भोजन देना बंद कर दिया है। संस्था के मैनेजर ने कहा कि मदरसों ने तीन दिनों तक लगातार भोजन वापस कर दिया इसलिए हमें शासकीय आदेश आने तक भोजन भेजना बंद करना पड़ा। भोग …