mid day meal

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के 11 जिलों प्रस्तावित मध्यान्ह भोजन योजना को जल्द शुरू करने का निर्देश दिये है।

मिर्जापुर में हुए मिड-डे मिल कांड के बाद अब प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक सदमे में हैं। अब प्राथिक विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापक मिड-डे मिल की जिम्मेदारी लेने से कतरा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित प्रथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील में परोसी गई नमक-रोटी की वीडिया बनाने और इस घटना को सामने लाने वाले पत्रकार पर एफआईआर के मामले में डीएम ने मंगलवार को सफाई दी।

प्राथमिक विद्यालय की है जिसमें आज मिड डे-मिल बनाते समय आग लगने से हड़कम्प मच गया। दरअसल जिस वक्त स्कूल की रसोईघर में मिड डे-मिल बन रहा था उस दौरान सिलेंडर लीक हो गया जिसके कारण आग लग गई।

#Mirzapur के एक स्कूल में बच्चों को मिड-डे-मील में नमक रोटी दी जा रही है। ये उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार की व्यवस्था का असल हाल है। जहां सरकारी सुविधाओं की दिन-ब-दिन दुर्गति की जा रही है। बच्चों के साथ हुआ ये व्यवहार बेहद निंदनीय है।

कांग्रेस का गढ़ रायबरेली प्रदेश मे शाहजहांपुर के बाद दूसरा ऐसा जिला है जहां मिड डे मील बनाने के लिए मिले गैस सिलेंडर चोरी के चलते चूल्हों पर भोजन तैयार हो रहा है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक अब तक जिले मे 505 सिलेंडर और 42 गैस चूल्हे चोरी हो चुके हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में लकड़ी से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 2006 से स्कूलों को गैस सिलेन्डर देने की शुरूआत की गई थी। लेकिन धीरे धीरे स्कूलों से गैस सिलेन्डर लापता होने शुरू हो गये। पुलिस में कुछ दर्जन चोरी की रिपोर्ट दर्ज है जबकि बाकी मामलों में सिर्फ खाना पूरी की गई है।

उत्तर प्रदेश के हरदोई में मगंलवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। हरदोई के शाहाबाद कस्बे के पठकाना प्राइमरी स्कूल में खाना बनाते समय जोरदार आवाज के साथ कूकर फट गया जिससे झुलस कर दो महिला रसोइयां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

दरअसल शाहजहांपुर के बीएसए राकेश कुमार ने एक लिखित आदेश सभी सरकारी स्कूलों को जारी किया है। जिसमे कहा गया है। अब सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक को एक रजिस्टर बना लें। उसके बाद मिड डे मिल के लिए मिलने वाले गेंहूं को आटा चक्की पर पिसवाने के आदेश जारी किए है।

अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद अब आज से प्रदेश के सभी जनपदों के परिषदीय स्कूलों मे ये नियम लागू हो गया है। इतना ही नहीं जो बच्चे गैर हाजिर होंगे उनके नाम के आगे लाल स्याही से निशान लगाने के लिए कहा गया है।