Mob Lynching

देश में एक बार फिर मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। अब मध्य प्रदेश के धार जिले में मॉब लिंचिंग की दिल-दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बुधवार को धार जिले के मनावर क्षेत्र के बोरलाई गांव में ग्रामीणों ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

बिहार से एक हैरान कर देने वाली खबर आ रही है। यहां भीड़ हिंसा(मॉब लिंचिंग)  में हत्या का मामला दर्ज होने और 23 आरोपियों के जेल जाने के तीन महीने बाद मरने वाला युवक जिंदा लौट आया।

ऐसे में अब अनुराग कश्यप, केतन मेहता, श्याम बेनेगल, रामचंद्र गुहा, शुभा मुद्गल, अपर्णा सेन और कोंकणा सेन शर्मा जैसी बड़ी हस्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पत्र पर इन सबके हस्ताक्षर हैं।

गौरतलब है कि मारपीट में मुनफेद को कई फ्रैक्चर हुए हैं। पुलिस ने मुनफेद की गाड़ी से सात गोवंश को बरामद किया है। उसके खिलाफ पूर्व में भी गोतस्करी के मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता और तिरूवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने मॉब लिंचिंग के नाम पर हुई हत्या को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि क्या एक चुनाव परिणाम ने हमें इतनी ताकत दें दी हैं कि हम लोग कुछ भी करें और किसी को भी मार दें?

मकान मालिक ने महिला पर चोरी का शक होने के चलते अपने परिवार वालों के साथ मिलकर महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी। जिसमें महिला की जान चली गई।

झारखंड के सरायकेला में तबरेज अंसारी के मॉब लिंचिंग केस में पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में फिर से एक नई चार्जशीट दाख़िल की है। इसमें आरोपियों के खिलाफ फिर से हत्या की धारा 302 जोड़ दी गई है, जिसे आठ दिन पहले हटाकर धारा 304 में तब्दील किया गया था।

नए प्रावधान के तहत भीड़ को भड़काने वालों के लिए आजीवन कारावास की अधिकतम सजा का प्रावधान किया गया है. लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने वाले राजस्थान और मणिपुर के बाद पश्चिम बंगाल तीसरा राज्य बन गया है. इस कानून के तहत उन लोगों को सजा देने का प्रावधान है जो लिंचिंग के लिए साजिश रचते हैं. उन लोगों को भी सजा का प्रावधान है जो लिंचिंग में शामिल होते हैं।