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मोदी सरकार कोरोना वायरस की महामारी को बढ़ने से रोकने, आम जन की सुरक्षा और सहूलियत को लेकर लगातार प्रयास रत है। इसी कड़ी में नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना से जंग के तहत तीन चरणों वाली रणनीति बनाई है।

केंद्र सरकार ने देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने राज्य हेल्थ सिस्टम को और मजबूत करने के करने के लिए से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूरा फंड देने की मंजूरी दे दी है।

केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि सभी सांसदों की सैलरी में से एक साल तक के लिए 30 फीसदी की कटौती की जाएगी। वहीं राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति, राज्‍यों के राज्‍यपालों ने स्‍वेच्‍छा से अपने वेतन में कटौती का फैसला किया है।

कोरोना वायरस से जंग के लिए देश तैयार है। इस बीच सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में कोरोना वायरस के पैकेज को जोड़ने का फैसला किया है।

कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला बोला है। महबूबा ने अपनी नजरबंदी न समाप्त किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगता है कि मोदी सरकार महिलाओं से घबराती है।

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने आदेश दिया है कि बी और सी श्रेणी के 50 प्रतिशत कर्मचारी रोजाना कार्यालय आएंगे और बाकी के बचे हुए 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में फैल चुका है। इन हालातों में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ESIC से जुड़े कर्मचारियों और कंपनियों को बड़ी राहत दी है।

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने रविवार को देश में राज्य सरकारों व केंद्र के बीच समन्वय के अंतर को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने केंद्र सरकार से देश में कोरोना वायरस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए और कदम उठाने का आग्रह किया।

आज के समय में सबके घर में LPG गैस का इस्तेमाल होता है। वैसे तो गैस के रेट काफी ज्यादा है लेकिन सरकार ने आम जनता के लिए सब्सिडी का इन्तेजाम भी किया है।

सरकार द्वारा लाख प्रयास किए जाने के बाद भी देश में बेरोजगारी की समस्या कम होने की बजाय लगातार बढ़ती दिख रही है। बेरोजगारी की दर बढ़कर 7.78 फीसदी तक पहुंच गई