mohan bhagwat

विहिप के धर्म संसद में कोई तारीख नहीं घोषित की गई और केंद्र की मोदी सरकार पर मंदिर निर्माण को लेकर भरोसा जताने के लिए लाया गया प्रस्ताव सर्वसम्मति से मान लिया गया। इसी को लेकर वहां मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और तारीख बनाने के लिए बैनर होर्डिंग लेकर प्रदर्शन करने लगे।

कुंभ नगरी के सेक्टर 14 स्थित विश्व हिंदू परिषद के विशाल पंडाल में आयोजित धर्म संसद में हजारों की संख्या में जुटे संतों एवं संघ के सदस्यों व उपस्थित लोगों के बीच जैसे ही सर संघ चालक मोहन भागवत पहुंचे तो माहौल गरमा गया। सभी मोहन भागवत को सुनने को लालाइत दिखे। सभी के मन में राम मंदिर को लेकर होने वाले फैसले पर उहापोह की स्थिति बनी रही।

विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद आज दोपहर एक बजे आरंभ हुई। धर्म संसद से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच सुबह मुलाकात भी हुई। आपको बता दें, इस समय धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत संबोधित कर रहे हैं।

आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने पूर्वी यूपी के जिला प्रचारकों को संदेश दिया है कि मंदिर, श्मशान और जलाशयों पर पूरे हिंदू समाज का समान अधिकार है। इसमें किसी किस्म का कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है। प्रचारक अपने स्तर पर लोगों को लगातार यह समझाएं ताकि जाति बंधन टूटे और दलित समाज से छुआछूत समाप्त हो।

प्रवास के दौरान वो लोकसभा चुनाव 2019 से पहले उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति को परखने का काम करेंगे। राजनैतिक गलियारे में मोहन भागवत के प्रवास के कई मायने निकाले जा रहे हैं। सभी विपक्षी दलों की नजर उनके प्रवास पर है। इस दौरान संघ प्रमुख बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे और चुनावी चर्चा पर बात करेंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सरसंघचालक मोहन भागवत ने मौजूदा वक्त में सेना के जवानों की हो रही शहादत को लेकर सरकार को घेरा है। मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोई युद्ध नहीं हो रहा है तो फिर देश की सीमाओं पर सैनिक शहीद कैसे हो रहे हैं।

प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद की 31 जनवरी से एक फरवरी तक चलने वाली धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शामिल होने वाले हैं। इस दौरान दोनों नेता अक्षयवट के दर्शन करेंगे और संगम तट पर भी जाएंगे।

गुजरात के राजकोट में हिंदू धर्म आचार्य सभा की दो दिवसीय बैठक हुई है। इस बैठक में आखिरी दिन शुक्रकार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी समेत कई सांधु संतों ने हिस्सा लिया।

संघ प्रमुख का कानपुर प्रवास हर मायने में काफी महत्वपूर्ण है। फिलहाल संघ प्रमुख का प्रवास कहां होगा, इसके लिए स्थान चयन की प्रक्रिया चल रही है। अभी तीन स्थानों पर विचार किया जा रहा है। पहला बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, दूसरा बिठूर स्थित महाराणा प्रताप कालेज, तीसरा नारायणा इंजीनियरिंग कालेज।

महाराष्ट्र के नागपुर में विश्व हिन्दू परिषद की हुंकार रैली में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत, कहा, अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि है। जन्मभूमि हमेशा एक ही होती है।