mohan bhagwat

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत को हिंदू राष्ट्र बताया। संघ प्रमुख ने विजयदशमी के मौके पर नागपुर के रेशमीबाग में आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा है कि संघ इस बारे में अडिग है।

इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान पर भी तंज़ कसा और कहा कि कुछ लोग संघ के बारे में बिना जानकारी के अप प्रचार करते हैं। इमरान खान भी यह बात सीख गए हैं।

मोहन भागवत ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निश्चित सूची से परस्पर संवाद का है। मोहन भागवत इस संवाद में विदेशी मीडिया के पत्रकारों को संघ के कार्य व प्रासंगिक विषयों पर संघ के विचारों से अवगत करवांएगे तथा उनसे इसी संदर्भ में एक रचनात्मक चर्चा करेंगे।

राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के काफिले की एक कार ने बुधवार दोपहर को एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस हादसे में घटना का शिकार हुआ बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथ बाइक पर एक छह साल के बच्चे की मौत भी हो गई।

आपात काल के दौरान भूमिगत कार्य करने के बाद भागवत 1977 में अकोला (महाराष्ट्र) में प्रचारक बन गए और बाद में उन्हें नागपुर और विदर्भ क्षेत्रों का प्रचारक बनाया गया।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के फाइनल लिस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। आरएसएस ने कहा कि एनआरसी की फाइनल लिस्ट में कुछ गड़बड़ियां हैं और इन गड़बड़ियों को दूर करने के लिए मोदी सरकार आगे आए। संघ की तरफ से घुसपैठियों को बाहर करने की मांग की गई।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण पर एक बार फिर बयान दिया है। आरक्षण को खत्म करने की मांग पर आरएसएस प्रमुख ने कहा कि झगड़ की बात क्यों करते हो। सर संघचालक मोहन भागवत अखिल भारतीय समन्वय और प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए राजस्थान के पुष्कर में थे।

जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच में शुक्रवार शाम को ये बैठक हुई। अरशद मदनी के करीबियों ने इस बैठक की पुष्टि की है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर फिर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि जो भी आरक्षण के पक्ष और विपक्ष में हैं, उनके बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए।

इससे पूर्व प्रयागराज में आयोजित हुए कुंभ के बाद  भगवान श्री कृष्ण  की नगरी वृंदावन से एक बार फिर संतों ने  राम मंदिर निर्माण और  समान  नागरिक संहिता की अपनी मांग बुलंद की संतों ने अपनी यह मांग राष्ट्रीय स्वयंसवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के सामने रखी।