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कोरोना संकट के बीच शनिवार से देश में रमजान का पाक महीना शुरू होने जा रहा है। दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम ने शुक्रवार शाम को घोषणी की कि रमजान का चांद देख लिया गया है।

मनुष्य का व्यवहार समय समय पर बदलता रहता है। कई बार खुद के व्यवहार पर आश्चर्य भी होता है आप किसी के साथ तो बहुत विनम्र तो किसी के साथ न चाहते हुए भी कठोर हो जाते हैं। दरअसल हम अपने आस-पास के लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार करते हैं।

सम्वत्सर 2077 का आरम्भ यद्यपि 25 मार्च बुधवार,रेवती नक्षत्र को उदयव्यापिनी तिथि में होगा किन्तु 24 मार्च 2020 को अमावस्या तिथि 14:56 बजे समाप्त हो जाएगी तथा 14:57 बजे से नववर्ष की प्रतिपदा का आरम्भ कर्क लग्न में होगा। उस समय की आकाशीय कौंसिल के अनुसार कर्क, मकर      (लग्न एवं सप्तम) में शनि-मंगल का विध्वंसकारी योग तथा षष्ठ-द्वादश भाव में कालसर्प योग राष्ट्र के लिए जन-धन हानि और उपद्रव लेकर आ रहा है।

चन्द्रमा मन का कारक है। धर्म में 'चंद्रमा मनसो जात:'। इसकी राशि कर्क है। कुंडली में चंद्र अशुभ होने पर मां को किसी भी प्रकार का कष्ट या सेहत का खतरा होता है, दूध देने वाले पशु की मृत्यु हो जाती है। स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। घर में पानी की कमी आ जाती है या नलकूप, कुएं आदि सूख जाते हैं।

मंगलवार को एक दुर्लभ खगोलीय घटना घटी जिसका असर आने वाले सात दिनों में दिखेगा। मंगलवार को मंगल ग्रह चंद्रमा के नजदीक पहुच गया। मंगल और चंद्रमा की नजदीकी की वजह से पृथ्वी पर मौसम में उमस और गर्मी बढ़ने की संभावना है।

ग्रहों की स्थिति का व्यक्ति के जीवन में और उसकी  में महत्लपूर्ण स्थान है। जीवन में कुंडली और ग्रहों का बड़ा महत्व माना जाता हैं। जीवन में आना वाला समय कैसा होगा यह ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता हैं।

करवा चौथ आते ही विवाहित महिलाएं रोमांचित हो जाती है। ज्यादातर महिलाएं ये व्रत रखती है और चांद देखन के बाद व्रत तोड़ती है। पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ व्रत चंद्रमा को अर्ध्य देने के बाद ही समाप्त होता है तो आखिर क्यों करवाचौथ में चंद्रमा की पूजा होती है?

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय स्पेस स्टेशन में 15-20 दिन के लिए कुछ अंतरिक्ष यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। अगर इसरो 5 से 7 साल में अपना स्पेस स्टेशन बना लेगा तो वह दुनिया का चौथा देश होगा, जिसका खुद का स्पेस स्टेशन होगा। इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन अपना स्पेस स्टेशन बना चुके हैं।

दरअसल, नासा के लूनर रिकॉनिसंस ऑर्बिटर (एलआरओ) अंतरिक्षयान ने 17 सितंबर को चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुव के पास से गुजरने के दौरान उस जगह की कई तस्वीरें अपने कैमरा मे कैद की है, जहां विक्रम ने सॉफ्ट लैंडिग के जरिए उतरने का प्रयास किया था लेकिन एलआरओसी की टीम लैंडर के

क्या तेजी से चांद से टकराने की वजह से लैंडर को कोई नुकसान पहुंचा है, इस सवाल पर सिवन ने कहा है कि वे अभी इस बात को नहीं जानते हैं। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही इसका पता चले।