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भारत ने चंद्रयान 2 मिशन की लॉन्चिंग के साथ ही स्पेस टेक्नॉलजी के क्षेत्र में एक और इतिहास रच दिया है। इससे पहले 11 साल पहले इसरो ने अपने पहले चंद्रयान-1 का सफल परीक्षण किया था। चंद्रयान 2 मिशन के लिए 976 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 आज दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर लांच हो गया है। बता दें, पहले 15 जुलाई को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग होनी थी।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का दूसरा मून मिशन चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे देश के सबसे ताकतवर बाहुबली रॉकेट GSLV-MK3 से लॉन्च किया गया। चंद्रयान-2 चांद की ओर उड़ चला। इस मिशन को पूरा होने में करीब 50 दिन लगेंगे।

चंद्रमा पर इंसान के पहुंचने के 50 साल पूरे हो चुके हैं। भारत समेत कई देश चांद पर नए मिशन भेजने की तैयारी में जुटे हैं। भारत ने आज यानी सोमवार को चंद्रयान 2 लाॅन्च किया है। ऐसे में चंद्रमा पर पहुंचने वाले नासा के मिशन की 50वीं सालगिरह पर उसकी यादें दुनिया भर में ताजा हो रही हैं।

चंद्रयान-2 के बाद दूसरा चन्द्र अन्वेषण अभियान है, जिसे इसरो ने विकसित किया है। अभियान को जीएसएलवी संस्करण 3 प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपण करने की योजना है। इस अभियान में भारत में निर्मित एक चंद्र कक्षयान, एक रोवर और एक लैंडर शामिल है।

लंदन: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही है। यह तस्वीर अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने जारी की है। बता दें, 20 जुलाई 1969 को पहली बार चांद पर अपोलो-11 से नील आर्मस्ट्रॉन्ग, माइकल कॉलिन्स और एडविन एल्ड्रिन ने कदम रखा था। पूरी दुनिया ने इस घटना की 50वीं सालगिरह मनाई। …

 चांद पर पहली बार कदम रखने वाले अमेरिका के ‘अपोलो 11’ अभियान के रोमांचक और दिलचस्प किस्से अभियान के 50 साल बाद भी याद किये जाते हैं।

मुस्लिम धर्म का पाक महीना रमजान को मस्जिदों में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में भी तैयारियां दिखने लगी हैं। मुबारक रमजान का चांद इस्लामी महीने शाबान की 29 तारीख यानी 5 मई को देखा जाएगा।

रविवार की देर रात्री को कुदरत का एक अदभुत करिश्मा आसमान में चाँद के चारो और एक रंगीन गोल घेरा बनकर सामने आया है। वहीं चाँद के इस नजारे को देखने के लिए लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर इस अदभुत नजारे को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हुई है।

चीन अंतरिक्ष में खाना उगाने की कोशिश में लगा है। ताकि लंबे स्पेस मिशन के दौरान खाने की सप्लाई के लिए वापस धरती पर लौटने की जरूरत खत्म हो जाती। मून लैंडर से चीन ने कपास और आलू के बीज चांद पर भेजे थे। ये पौधे सील्ड कंटेनर में उगाए गए। इनके उगने पर संभावना बढ़ी कि अंतरिक्ष में सेल्फ सस्टेनिंग एनवायरनमेंट बनाया जा सकता है।