mosquito

भारत में फाइलेरिया के लगभग करोड़ों मरीज हैं लेकिन ज्यादातर लोगों में ये बीमारी इस स्टेज पर नहीं पहुंची है कि उनमें लक्षण दिखें, यानी उनके हाथ, पैरों में सूजन नजर आने लगे, जिसे हाथी पांव कहते हैं।

मलेरिया को लेकर चल रही एक शोध में वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। मच्छरों को आखिर मलेरिया क्यों होता है। इसके कारणों का पता लगा लिया गया है।

मच्छरों को भगाने के लिए कोतवाली पुलिस को परिसर में फॉगिंग कराना भारी पड़ा। धुएं का फायदा उठाकर यहां से गैंगस्टर एक्ट का एक आरोपी फरार हो गए। धुएं की धुंध छटी तो पुलिसवालों के होश उड़ गए।

मुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देवेश चतुर्वेदी ने एईएस तथा जेई के प्रभाव के लिए संवेदनशील माने जाने वाले सभी 38 जनपदों में सौ फीसदी टीकाकरण करने का निर्देश देते हुए कहा है कि केवल डेंगू ही नहीं मच्छर पैदा करने वाली सभी स्थितियों को नष्ट किया जाये।

मेडिकल साइंस यह कहता है कि डेंगू की बीमारी सिर्फ मच्छर के काटने से फैलता है। लेकिन एक देश में ऐसा मामला सामने आया है, जिन्हें लोगों ने मानने से इंकार कर दिया। पूरा मामला यूरोपियन देश स्पेन का है, जहां डेंगू से जुड़े पुराने सभी दावे झूठे नजर आ रहे हैं।

दरअसल, पाकिस्तान में इस साल डेंगू के दस हजार मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान के स्वास्थ्य सहायक के विशेष सहायक (SAPM) ने स्वास्थ्य ज़फर मिर्ज़ा को चेतावनी दी है कि अगले 10 दिनों में और वृद्धि होगी।

बारिश होने से गर्मी कम लगती है, लेकिन साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता हैं। बारिश के दिनों में पानी ठहरने की वजह से मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ता जाता हैं। ऐसे में जरूरी हैं कुछ ऐसे उपायों को अपनाया जो  बारिश के दिनों में मच्छरों से बचा सकते है

पानीपत की लड़ाई ऐतिहासिक है जिसे अभी याद किया जाता है। अब पानीपत में मच्छरों के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। यह लड़ाई कोई सरकारी महकमा नहीं लड़ रहा है बल्कि युवाओं की एक टीम लड़ रही है जो पूरे शहर में मच्छरों को मारती है।

लखनऊ। सर्दी के बाद अब कुछ समय बाद गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है। ऐेसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ेगा। मच्छरों से बचाव को लेकर हर घर में मच्छर मारने वाला कीटनाशक का प्रयोग होता है,लेकिन यह नुकसानदायक होता है। यह छोटे-बड़े के साथ ही गर्भस्थ भ्रूण के लिए भी खतरनाक होता है। इसके …

नई दिल्ली: बारिश में जहां एक और मौसम खुशगवार हो जाता है, वहीं दूसरी ओर यह अपने साथ त्वचा से जुड़ी समस्याएं जैसे फंगल इंफेक्शन, खुजली आदि भी लेकर आती है, इसलिए बरसात में भीगने से बचें और छाता का इस्तेमाल करें। प्राइव स्किन एंड वेलनेस क्लीनिक के प्रबंध निदेशक व त्वचा विशेषज्ञ अमित भसीन …