muhurat

नौ ग्रहों में शामिल राहु का नाम सुनते ही हम भयभीत हो जाते हैं। एक अजीब सा भय मन में आने  लगता है। ऐसे में कोई कहें कि राहुकाल चल रहा है तो दिमाग में पहला सवाल होता है क्या है इसका महत्त्व है। इसका प्रभाव।  क्यों हम लोग राहु काल में शुभ कार्य नहीं करते ?

चार दिनों तक चलने वाला महाआस्था का महापर्व में छठ की शुरुआत 31 अक्टूबर चतुर्थी से होने वाली है। इस पर्व में नियमों का काफी ध्यान रखा जाता है। पर्व की शुरुआत शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नहाय-खाय से होती है।

करवा चौथ का व्रत  हर सुहागिन को रखना चाहिए । इससे वैवाहिक जीवन में खुशियां बढ़ती है। और पति-पत्नी का साथ उम्रभर के लिए बना रहता है।  करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाते है। जो इस बार 17 अक्टूबर 2019 को मनाया जाएगा।

जब हम कोई भी नया काम शुरु करते हैं तो उससे पहले शुभ समय देखते है। चौघडिया की गणना के आधार को घटी कहा जाता है। एक घटी लगभग 24 मिनट की होती है

जयपुर: महाशिवरात्रि 4 मार्च को मनाई जाएगी। भगवान शिव की आराधना के लिए इस पर्व का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस रात में विधिवत साधाना करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है ।महाशिवरात्रि 2019 में फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि  4 मार्च 2019 को आरंभ समय …

जयपुर:पितृपक्ष में अब कुछ दिन ही शेष रह गए है इसके बाद आदि शक्ति की आराधना शुरू हो जाएगी। इस साल 10 अक्‍टूबर से शारदीय नवरात्रि का प्रारम्भ हो रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि की शुरुआत होती है जो नवमी तक चलती है। शारदीय नवरात्रि …

जयपुर: छठ पर्व का विशेष महत्व है। इस पर्व को महिला और पुरुष समान रूप से मानते हैं। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से आरंभ होकर सप्तमी तक चलता है। पहले दिन यानि चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय के रूप में मनाया जाता है। दूसरे दिन यानि पंचमी को खरना व्रत किया जाता …

जयपुर: हिंदूओं के बड़े त्योहारों में से दीवाली एक है। दीवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस साल ये तिथि 19 अक्टूबर 2017 को है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की मान्यता है।धर्म शास्त्रों में दीपावली में लक्ष्मी गणेश पूजन में प्रदोष काल का भी …

जयपुर: फेस्टिव सीजन के बाद शादी की तैयारी शुरु हो गई है। ऐसे में शादी से जुड़ी सभी तैयारियां जोरों पर होने लगती हैं। शादी से पहले घरों में कथा-पूजन का काम होता है। साल 2017 में शादियों के मुहूर्त के लिए अब तक सही रहा है।इस साल में शादी के पूरे 57 मुहूर्त बने, जिनमें ज्यादातर …

लखनऊ: चार माह की निद्रा के बाद जागते ही भगवान विष्णु के सारे शुभ क्रम शुरु हो जाते हैं। शादियों का सीजन शुरू हो जाता है। वैसे तो विवाह देव उठनी एकादशी से ही शुरु हो जाता है। इस दौरान होने वाले विवाह के लिए स्वयं सिद्धि महूर्रत भी  कहा जाता है, क्योंकि देव उठनी एकादशी …