Muslim

मामला ये है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के दो छात्रों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अपने फेसबुक पेज पर भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में टिप्पणी की है।

इन मुस्लिम कैदियों के लिए रात 3:00 बजे उठकर 150 हिंदू कैदी सहरी तैयार करते हैं। इस सहरी में इन कैदियों को चाय और रोटी दी जाती है। साथ ही शाम को इफ्तारी का जिम्मा भी इन हिंदू कैदियों पर है।

मस्जिद मेंं नमाज पढ़ने से रोकने पर पुलिसकर्मियों पर भीषण पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। असम के लखीमपुर जिले के एक गांव में लॉकडाउन के चलते मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने की कोशिश पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया।

भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के विधायक सुरेश तिवारी का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बीजेपी विधायक कुछ लोगों से कह रहे हैं, 'एक चीज ध्यान में रखियेगा आप लोग, मैं सबको बोल रहा हूं ओपनली, कोई भी मियां (मुसलमान) के यहां से सब्जी नहीं खरीदेगा।'

ऐसें में देशभर में हजारों शादियां टल गई। हर साल मुस्लिम समाज में अप्रैल के महीने में सामूहिक निकाह सम्मलेनों का आयोजन किया जाता था लेकिन कोरोना आपदा के चलते शादी-ब्याह के कार्यक्रमों पर संकट के घने बादल छाए हुए हैं।

देश के डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर देशनासियों की जान बचाने का जिम्मा उठाये हुए हैं। इनके इस त्याग के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीमों पर हमलें लगातार हो रहें हैं।

आजकल के माहौल में इंसानियत बहुत कम ही देखने को मिलती है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि समाज से इंसानियत बिल्कुल ही खत्म हो गई है। इंदौर में एक घटना हुई, जो इसका ही उदाहरण है। इंदौर में एक महिला की मृत्यु हो गई।

लॉकडाउन को लेकर महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के सोलापुर में नमाज पढ़ने के लिए 70 से अधिक लोग इकठ्ठा हुए। नमाज पढ़ रहे इन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

दिल्ली के तबलीगी जमात के मरकज में कोरोना संक्रमण की खबर सामने आने के बाद हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह की चर्चा की वजह से तेज हो गई। इसकी वजह यह है कि तबलीगी जमात का मरकज भी निजामुद्दीन इलाके में ही स्थित है।

लॉकडाउन के बाद भी देश में लगातार कोरोना संक्रमण के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। दिल्ली में भी संक्रमण का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को तेलंगाना में कोरोना संक्रमण से 6 लोगों की मौत हो गई।