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इस साल का पहला और आखिरी सूर्यग्रहण रविवार को लगा। इसके बाद अगला सूर्यग्रहण 25 अक्टूबर 2022 को भारत में दिखेगा।

हिंदू धर्म में लाल धागे को हाथ में बांधने वाले कलावे के रूप में देखा जाता है। मान्यता के अनुसार, हाथ में बंधा हुआ कलावा (रक्षा, मौली) हमेशा रक्षा करता है और बुरे संकटों से बचाता है। लेकिन इसके अलावा आर्थिक समस्याओं से लेकर धन हानि, मान सम्मान और प्रतिष्ठा बनाए रखने में लाल धागे का उपाय विशेष रूप से कारगर है।

श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार है जो सोलह कलाओं से सुशोभित है। उनकी बांसुरी कला की तो पूरी दुनिया दिवानी रही है । कहते हैं कि जब कृष्ण के मुख से बांसुरी की धून निकलती थी तो जीव-निर्जीव सब झूम उठते थे। मोरपंख की तरह ही श्रीकृष्ण के हाथों में सदैव बांसुरी रहती थी।

रामायण व महाभारत दो महाग्रंथ है जो हमें जीवन जीने की कला सीखाते हैं। गीता का उपदेश श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में ही दिया था और इसी जगह महाभारत का युद्ध भी हुआ था। इस युद्ध से  जुड़े कई रहस्य हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता है।

इस दिन खास चीजों की कुर्बानी देने की परंपरा है। रमजान के 70 दिनों के बाद जो ईद आती हैं वह बकरीद या ईद-उल जुहा या ईद-उल-अजहा के नाम से जानी जाती हैं। यह इस्लामिक कैलेंडर के 12वें महीने धू-अल-हिज्जा की 10 तारीख को मनाई जाती हैं।

यही कारण है कि हर साल जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा में भगवान श्री कृष्ण, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं रखी जाती है और इसी घटना की याद में हर साल तीनों देवों को रथ पर बैठाकर नगर के दर्शन कराए जाते हैं।

इस कैलाश पर्वत पर भगवान शिव जी का वास है। शास्त्रों के अनुसार, इस सरोवर में माता पार्वती स्नान करती हैं, ये भी कहा जाता है कि यह सरोवर ब्रह्माजी के मन से उत्पन्न हुआ था। हिन्दू धर्म के साथ-साथ इस जगह को बौद्ध धर्म में भी बहुत पवित्र माना जाता है। 

कहते हैं हम इस जन्म में जो करते हैं वो पिछले जन्म का निर्धारित होता है। धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि इस जन्म का अच्छा या पुरा प्रभाव पिछले जन्म का कर्म होता है।

जयपुर: इस समय सियासी गलियारों में चारो ओर गोत्र-गोत्र की चर्चा हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गोत्र को पूछे जाने पर सवाल उठा था। पर क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में गोत्र का क्या महत्व  है?  जिस गोत्र के बारे में पंडित पुजारी पूछते हैं वो आखिर है क्या? कैसे …

जयपुर:शादी के बाद नारी का जीवन बदल जाता है। साथ ही लोगों का नजरिया भी बदल जाता है।  शादी में तमाम परंपराओं और व‍िध‍ियों का पालन किया गया। इसी दौरान दुल्हन  लाल जोड़े में नजर आती, लोग नवविवाहित दुल्हन को सौभाग्‍यवती भव का आशीर्वाद देतेहै।हिंदू परंपराओं में शादी के समय दुल्‍हन के ल‍िए लाल रंग …