naga sannyasi

तीर्थराज प्रयाग में विश्वपटल पर ख्याति प्राप्त दिव्य कुंभ में जहां गंगा की अविरल कल कल की गूंज है तो वहीं आध्यात्म के आकर्षण स्वरूप वेद मंत्रोच्चार हैं। दिन भर भजन कीर्तनों का दौर भी चलता रहा। चारों तरफ साधु संतों और नागा सन्यासियों का जमघट लगा रहा।