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जार्ज के आक्रोशित उद्गार थे : “मुझे लगता है कि इसे किसी गुलाम की औलाद ने लगाया है| कोई सभ्य आदमी ऐसा कतई नहीं करता| किस आधार पर लगा दी है? क्या देश क्या इन लोगों ने खरीदा है ? नेहरू खानदान ! लूटपाट वाला खानदान ?” इसपर रिपोर्टर ने पूछा– “सोनिया की फोटो को क्या हटवाना चाहिए?”

अंशुमान तिवारी लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार यानी 5 अप्रैल को रात में नौ बजे नौ मिनट के लिए अपने घरों की लाइटें बंद कर देने की अपील ने बिजली कंपनियों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यह चुनौती है ग्रिड को बचाने की। जानकारों का कहना है कि अगर देशवासी …

इन हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील महत्वपूर्ण है। बच्चे बड़ों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। मोदी की लक्ष्मण रेखा इतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी माता सीता के लिए लक्ष्मण रेखा थी। यदि आप ने लक्ष्मण रेखा पार नहीं की तो आप सुरक्षित हैं। समाज सुरक्षित है। लेकिन घर से बाहर निकलते ही आप खुद, आपका परिवार और समाज असुरक्षा के दायरे में आ जाता है। इसलिए घर में रहें और महफूज रहें खुद को, अपने परिवार को और समाज को। 

बुधवार की प्रगति बैठक में प्रधानमंत्री ने 11 बातों पर चर्चा की। इसमें से 9 देरी हुई परियोजनाएं हैं। यह 9 परियोजनाएं 24,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की है और 9 राज्यों- ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और उत्तर प्रदेश तथा तीन केन्द्र शासित प्रदेशों में फैली हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजग-2 के 180 दिन पूरे होने पर कहा है कि उनकी सरकार ने देश के विकास, सामाजिक सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देने के लिये पिछले छह माह के दौरान अनेक निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि वे आने वाले समय में और भी काफी कुछ करने की इच्छा रखते हैं, ताकि समृद्ध और प्रगतिशील नया भारत बन सके।

गरवी गुजरात सदन अकबर रोड पर 7000 वर्ग मीटर क्षेत्र में है और पारिस्थितकी अनुकूल है। इस पर 131 करोड़ रूपये की लागत आई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें आधुनिक तकनीक के साथ पारिस्थितिकी अनुकूल तत्वों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि ‘गरवी गुजरात’ सदन गुजरात के करोड़ों जनों की भावनाओं, परंपराओं और संस्कृति के अनुकूल सभी की सेवा के लिए तैयार है।

भाजपा और संघ के नेता शुरू से ही एनआरसी के पक्ष में रहे हैं। भाजपा के इस रुख को विपक्ष की ओर से कभी धार्मिक नजरिये से तो कभी राष्ट्रवाद के नजरिये से देखा गया है।