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नासा का कहना है कि ‘अर्तेमिस’ कार्यक्रम के तहत चांद पर उपकरण भेजने के लिए उसने अमेरिकी कंपनियों एस्ट्रोबॉटिक, इंट्यूटिव मशीन्स और ऑर्बिट बियॉड को चुना है।

कुइपर बेल्ट ऑब्जेक्ट 2014 एमयू 69 (उपनाम अल्टिमा थुले) के न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान के नए साल 2019 पर उड़ान के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों के सिर्फ पहले सेट का विश्लेषण किया गया है, जिसमें उस क्षेत्र के खगोलीय पिंड के विकास, भूविज्ञान और रचना के बारे में बहुत कुछ खुलासा किया गया है।

अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश को पूरा करते हुए नासा साल 2024 तक चंद्रमा पर कदम रखने में सक्षम होता है, तो अमेरिकी स्पेस एजेंसी प्रतिबद्ध है कि वह पहली महिला को चंद्रमा पर भेजेगी।

नासा की अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच के अंतरिक्ष अभियान की अवधि में विस्तार होने के साथ ही अब वह अंतरिक्ष स्टेशन में 328 दिन बिताने एक नया रिकॉर्ड बनाने को तैयार हैं।

अध्ययनकर्मियों ने 2003 से 2007 तक उपग्रह आधारित इन्फ्रारेड मेजरमेंट सिस्टम एआईआरएस (ऐटमॉसफेरिक इन्फ्रा रेड साउन्डर) के जरिए प्राप्त धरती के तापमान का आकलन किया।

ट्रांजिस्टिंग एक्सोप्लेनेट्स सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) ने उसी मंडल में वरुण ग्रह के आकार के एक ग्रह की खोज की है। यह अध्ययन एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लैटर्स में प्रकाशित हुआ है।

भारत ने 27 मार्च को निचली कक्षा के अपने एक उपग्रह को जमीन से अंतरिक्ष में मार करने वाली मिसाइल से मार गिराया था और अंतरिक्ष ताकत बन गया था। इससे पहले केवल तीन देशों- अमेरिका, रूस और चीन के पास ए सैट क्षमता थी।

नासा प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टाइन ने बताया कि अभी तक करीब 60 टुकड़ों का पता लगाया गया है और इनमें से 24 टुकड़े आईएसएस के दूरतम बिन्दु से ऊपर हैं।

भारत के मिशन शक्ति पर अब नासा की तरफ से रिएक्शन आया है। नासा ने भारत के इस मिशन को खतरनाक बताया है। नासा की तरफ से बताया गया है कि इस एंटी सैटेलाइट मिसाइल के टेस्ट से अंतरिक्ष में मलबे के करीब 400 टुकड़े और बढ़ गए हैं।

नासा का मार्स इनसाइट लेंडर सोमवार को लगातार सात महीने की यात्रा के बाद मार्स की सतह पर सफलतापूर्वक उतर गया। मार्स इनसाइट लेंडर भारतीय समयानुसार सोमवार मध्य रात्रि के बाद 1.30 बजे मंगल की धरती पर उतरा।