National Crime Records Bureau

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार भारत में हर 16 मिनट में एक महिला के साथ बलात्कार होता है, और हर 4 मिनट में उसे वर्तमान में अपने ससुराल वालों से मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित होना पड़ता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक देश में क़रीब 30 लाख सेक्स वर्कर्स हैं। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के मुताबिक, देश के करीब 7,76,237 सेक्स वर्कर्स में से 1,29,000 से ज्यादा तो महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में हैं।

भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण के कदम उठा रही है तो दूसरी ओर घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम है।

शराब की लत के चक्कर में युवक ने अपनी मां से शराब के लिए पैसे मांगे और उसकी मां ने पैसे देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उसने अपनी मां का सिर धड़ से कथित तौर पर अलग कर दिया। और तो और युवक अपनी मां का कटा सिर लेकर भाग गया।

नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों में बताया गया है कि वर्ष 2019 के दौरान देश में रोजाना औसतन 88 महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं हुईं।

'राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में भारत में महिलाओं एवं दलितों के खिलाफ अपराध में सात फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। इस दौरान बलात्कार के प्रतिदिन कम से कम 87 मामले सामने आए हैं।

महिला कैदियों के रखने के लिए देश के 21 राज्यों में अलग से जेल की कोई व्यवस्था नहीं है। इसका खुलासा नेशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में किया गया है।

देश में बहुत से बड़े-बड़े मुद्दे हैं, जिनपर देश के युवाओं को आवाज उठानी चाहिए। सबसे ज़रूरी देश में बेरोजगारी का मसला है।