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पाक पीएम इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन पर कश्मीर को फिर उठाया। उन्होंने भारत से अपील की कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद अब कश्मीर घाटी से पाबंदी हटाई जाए।

देश में नोटबंदी हुए 3 साल बीत चुके हैं। इन सालों में केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ने प्रचलन में चल रहे सभी नोटों का लुक बदल दिया है। 2016 के बाद से जो नोट छप रहे हैं वे पहले की तुलना में छोटे हो गए हैं।

याद है 8 नंवबर का ऐतिहासिक दिन। जीं हां वहीं दिन जब 3 साल पहले देश में नोटबंदी हुई थी। आज के दिन एक बार फिर सभी यादें ताजा हो गई। 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी।

नफरत की आग में झुलस रहा पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में (लाइन ऑफ कंट्रोल) एलओसी के पास शुक्रवार सुबह पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। 

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने पीएम मोदी और शिंजो आबे की मुलाकात को लेकर कहा कि शीर्ष नेताओं ने दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और आर्थिक जुड़ाव का स्वागत किया।

 भारत ने एक बार फिर घाटी के मुद्दे को भड़काने में जुटी तुर्की सरकार को कड़ा झटका दिया है। तुर्की में मौजूद भारतीय दूतावास ने भारतीय पर्यटकों को वहां जाने को लेकर चेतावनी जारी की है।

भारतीय सेना ने कश्मीर में हमला कर रहे आतंकियों को धूल चटाने में कई कसर नहीं छोड़ी है। इसके साथ ही सेना ने बड़ी खुशखबरी दी है। सूत्रों से मिली रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि घाटी में जाकिर मूसा के गिरोह का अंत हो गया है।

डॉन छोटा राजन का राइट हैंड कहे जाने वाले रवि पुजारी को लेकर चल रहे काफी अनुमानों पर विराम लग गया है। पूरे देश में रवि पुजारी के खिलाफ फिरौती और हत्या को लेकर करीब 200 से अधिक मामले दर्ज है। इसमें से गुजरात में ही सिर्फ फिरौती के 26 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

आतंकी हमलों की आशंका के चलते पंजाब के पठानकोट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां तक की प्रवेशद्वार पर कठुआ जिले में बीती शनिवार को सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। पंजाब से सटे इलाकों में सेना की गश्त बढ़ाई गई है। इसी के साथ जम्मू और नजदीक के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

कल मैंने लिखा था कि चीन और भारत की क्या-क्या मजबूरियां हैं कि जिनके चलते उन्हें आपसी संबंधों को आगे बढ़ाना पड़ रहा है। आज महाबलिपुरम में जो कुछ हो रहा है, वह जो ह्यूस्टन में हुआ है, उससे किसी तरह कम नहीं है।