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नवरात्रि में भी जिस ग्रह की शांति के लिये पूजा की जा रही है। उसके बीज मंत्रों का जाप कर संबंधित ग्रह के कवच एवं अष्टोत्तरशतनाम का पाठ भी करें। नवरात्रि के पश्चात दशमी के दिन यंत्र की पूजा कर इसे पूजा स्थल में स्थापित करना चाहिये व नियमित रूप से इसकी पूजा करनी चाहिये। ग्रहों की शांति के लिए  यह विशेष पूजा किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य से ही करवानी चाहिए।

सम्वत्सर 2077 का आरम्भ यद्यपि 25 मार्च बुधवार,रेवती नक्षत्र को उदयव्यापिनी तिथि में होगा किन्तु 24 मार्च 2020 को अमावस्या तिथि 14:56 बजे समाप्त हो जाएगी तथा 14:57 बजे से नववर्ष की प्रतिपदा का आरम्भ कर्क लग्न में होगा। उस समय की आकाशीय कौंसिल के अनुसार कर्क, मकर      (लग्न एवं सप्तम) में शनि-मंगल का विध्वंसकारी योग तथा षष्ठ-द्वादश भाव में कालसर्प योग राष्ट्र के लिए जन-धन हानि और उपद्रव लेकर आ रहा है।

नवरात्रि में हवन-पूजन का बहुत महत्व है। हवन पूजन से ही मां भगवती की पूजा सफल होती है। कोई भी पूजा और मंत्र का जप बिना हवन के अपूर्ण  है। किसी भी वैदिक पूजा में विधि-विधान से हवन करना आवश्यक है। ग्रहों के बीज मंत्र की निश्चित संख्या होती है। 

नवरात्रि के नौ दिनों तक शक्ति की पूजा की जाती है। इससे प्रकृति में असीम ऊर्जा का प्रवाह होता है। इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करना हो तो किसी पंडित जी से मुहूर्त पूछने की जरूर नहीं पड़ती है। नवरात्रि में लगभग सभी लोग मां भगवती का पूजन करके मनोकामना पूरी होने की अर्जी मां से लगाते हैं।

शारदीय नवरात्रि  शुरू हो चुका हैं। यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ हुआ है। इस दिन कलश स्थापना के साथ देवी के पूजा शुरु होती नवरात्र में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का महत्व केवल दुर्गा पूजा तक सीमित नहीं है। ब

जयपुर: माह – आश्विन,तिथि – द्वितीया , पक्ष – शुक्ल, वार – सोमवार, नक्षत्र – चित्रा, सूर्योदय – 06:13,सूर्यास्त – 18:08, राहुकाल – 07:42:43 से 09:12:11 तक, चौघड़िया अमृत – 06:17 से 07:45, शुभ – 09:14 से 10:42,चर – 13:39 से 15:08,लाभ – 15:08 से 16:36, अमृत – 16:36 से 18:05। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का दिन हैं।

नवरात्रि नजदीक आने को हैं और घरों में इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। सभी इस त्योहार बड़े जोश के साथ सेलेब्रेट करते हैं और अपने घर को सजाते हैं। घर को सजाने के लिए यूनिक और डिफरेंट आइडियास की जरूरत होती हैं

यपुर:चैत्र नवरात्रि  शुरू हो चुका हैं।नवरात्रि का महत्व केवल दुर्गा पूजा तक सीमित नहीं है। बल्कि नवरात्रि को ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जाता है। नवदुर्गा और नवग्रह नवरात्रि में  शक्ति का रूप मानी जानी वाली मां दुर्गा के नौ रूपों की साधना की जाती है। इनमें पहले नवरात्रि पर मां शैलपुत्री तो दूसरे नवरात्रि …

जयपुर:शारदीय नवरात्रि  शुरू हो चुका हैं। यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ हुआ है। इस दिन कलश स्थापना के साथ देवी के पूजा शुरु होती नवरात्र में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का महत्व केवल दुर्गा पूजा तक सीमित नहीं है। बल्कि नवरात्रि को ज्योतिषीय दृष्टि …

जयपुर :नवरात्रि के दिनों में व्रत-उपवास का बड़ा महत्व माना जाता हैं। व्रत-उपवास में शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता भी होती हैं और इसके लिए फलाहार में कुछ ऐसे ग्रहण किया जाना चाहिए जो सेहत से भरपूर हो और आपके शरीर की ऊर्जा को बढाने का काम करें। हैं ‘पोटॅटो बॉल्स विद बनाना’ बनाने की …