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महागठबंधन के नेताओं को चुनाव प्रचार की रोज तीखी हो रही जंग में रोजगार और विकास के मूल मुद्दों से बहस को न भटकने देने की सलाह दी गई है।

पश्चिम बंगाल के गोरखा जनमुक्ति मोर्चा आज एनडीए से अलग हो गया। पार्टी के प्रमुख बिमल गुरुंग ने एलान किया कि उनकी पार्टी भाजपा का साथ छोड़ रही है

भाजपा के टिकट बंटवारे की पूरी कवायद बीते सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बिहार कोर कमेटी के बैठक में हुई, जिसमे बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और बिहार प्रभारी भूपेन्द्र सिंह यादव शामिल थे।

लोजपा के NDA से बाहर होने के बाद अब भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर नई रणनीति तैयार कर रही है। भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक में लोजपा के फैसले के बाद बदली हुई स्थितियों पर चर्चा की गई।

एनडीए में भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी दलों के रूप में शिवसेना और अकाली दल की गिनती होती थी मगर अब दोनों दलों ने भाजपा का साथ छोड़ दिया है।

लोजपा ने नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार चुनाव न लड़ने का बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद चिराग पासवान ने बदलाव का संकेत दे दिया था।

एनडीए में लोजपा को लेकर पैदा हुए विवाद के साथ ही भाजपा और जदयू के बीच भी कई सीटों को लेकर मामला उलझा हुआ है। विपक्षी महागठबंधन ने अपने तालमेल को अंतिम रूप दे दिया है मगर एनडीए में अभी भी माथापच्ची कर दौर चल रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राजद और कांग्रेस के बीच सभी चुनावी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। सीट बंटवारे को लेकर भी महागठबंधन के दलों के प्रभाव क्षेत्र के अनुसार फैसला किया गया है।

लोजपा के प्रवक्ता अशरफ अंसारी का कहना है कि विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी की यह आखिरी बैठक होगी। बैठक में पार्टी के सभी सांसदों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और विधायकों को बुलाया गया है।

कोरोना संकट के बीच बिहार में पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो रही है। नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत के समय तक एनडीए और विपक्षी महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर फंसा पेंच नहीं सुलझ सका है।