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जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने तय किया है कि वह बिहार से बाहर एनडीए का हिस्सा नहीं रहेगी। यानी बिहार से बाहर विभिन्न राज्यों में वह अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। रविवार को यहां हुई पार्टी की एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया।

सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में वेलफेयर स्कीम को बढ़ाना चाहती है जिसके लिए उसे काफी फंड की जरूरत होगी। सरकार अब ज्यादा से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि  का फायदा देना चाहती है।

बिहार में नीतीश सरकार का आज कैबिनेट विस्तार हुआ। इस कैबिनेट विस्तार में सिर्फ जेडीयू कोटे से 8 मंत्री बनाए गए हैं। बीजेपी के साथ बिहार में गठबंधन सरकार चला रही जेडीयू ने सिर्फ अपनी पार्टी के नेताओं को ही विस्तार में शामिल किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली सरकार में विदेश मंत्रालय का जिम्मेदारी संभालने वाली सुषमा स्वराज ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रियों की शपथ के बाद एक ट्विटर पर एक विदा संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी का धन्यवाद किया।

बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद गुरुवार शाम सात बजे नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ-साथ लगभग पांच दर्जन मंत्री भी शपथ लेंगे।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर नई सरकार का हिस्सा नहीं बनाने का आग्रह किया है। अरुण जेटली ने चिट्ठी में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है।

आज जदयू संसदीय दल की दिल्ली में होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री सह पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार भी शामिल होंगे। शाम पांच बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामराज रोड स्थित आवास पर आयोजित राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में बिहार में लोकसभा चुनाव की समीक्षा होगी।

इन बहुप्रतीक्षित कानूनी सुधारों को अमली जामा पहनाने में सबसे बड़ी बाधा राज्यसभा में राजग का बहुमत नहीं होना है। राज्यसभा में निर्णायक ताकत बनने के लिए राजग को राज्यों में कायम अपनी सरकारों को सत्ता में बनाये रखना होगा।

संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में आडवाणी ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। यह बहुत ऐतिहासिक जीत है। इस चुनाव में हिस्सा लेने वाला हर कोई (राजग का) बहुत खुश है।'

झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से 12 सीटों पर भाजपा और उसकी सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए को 2014 के आम चुनावों में भी झारखंड में इतनी ही सीटें मिली थीं।