nitin gadkari

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गढ़ नागपुर में पार्टी को करारी हार मिली है। नागपुर के धापेवाड़ा में हुए जिला परिषद के चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार को जीत मिली है।

मुख्यमंत्री करेंगे एडवांटेज महाराष्ट्र एक्सपो 2020 का उद्द्घाटन औरंगाबाद, 7 जनवरी। मराठवाड़ एसोसिएशन ऑफ़ स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एन्ड एग्रीकल्चर (MASSIA) औरंगाबाद में 9 जनवरी से 12 जनवरी के मध्य एडवांटेज महाराष्ट्र एक्सपो 2020 का आयोजन कर रहा है। एक्सपो का उद्द्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे करेंगे। जबकि एक्सपो का समापन केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी …

महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस गठबंधन, महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की अगुवाई में उद्धव ठाकरे सरकार ने रविवार को दूसरा टेस्ट भी पास कर लिया।

महाराष्ट्र में किसी पार्टी की सरकार नहीं बनी है। राजनीति दांवपेच के बीच वहां राष्ट्रपति शासन लग गया है। बीजेपी इस मामले पर जरुर शांत बैठी है, लेकिन वह भी अवसर की ताक में है। शिवसेना सत्ता बनाने के लिए जद्दोजहद में लगी है, लेकिन अभी तक स्थिति साफ नहीं है।

आज दिल्ली में कांग्रेस के सीनियर लीडर  अहमद पटेल ,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले। अहमद पटेल ने ये मुलाकात गडकरी के घर पर की। ऐसी खबर है महाराष्ट्र सरकार को लेकर ये मुलाकात हुई।  इस मुलाकात के बाद कई अटकलें लगाई जा रही थी।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली स्थित डाॅ. अम्बेडकर इण्टरनेशनल सेण्टर में ‘वन नेशन, वन टैग’ अभियान लाॅन्च किया।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और सभी राज्यों की पुलिस को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें अगर कोई चालक अपनी गाड़ी के सभी पेपर्स (आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, इन्श्योरेंस, पीयूसी) मोबाइल फोन में डिजिलॉकर या एम परिवहन ऐप पर दिखाता है तो उसे उसे वैध माना जाए।

देश की मौजूदा सुस्त अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल सेक्टर, सूक्ष्म, लघु और मझौले व्यापारियों को अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कारण उम्मीद न खोने की सलाह दी है।

नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बढ़े चालान आम जनता के लिए मुसीबत बन रहे हैं। भारी भरकम जुर्माने को लेकर जनता के गुस्से को भांपते हुए गुजरात ने जुर्माने में कटौती कर दी है। वहीं पश्चिम बंगाल और केरल भी जुर्माने की राशि कम करने की सोच रहे हैं। हालांकि इन राज्यों ने अभी तक इस एक्ट लागू नहीं किया है।