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सरकार ने कहा है, “जनगणना में एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत स्तर की जानकारी गोपनीय है। जनगणना में, विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर केवल एकत्रित आंकड़े जारी किए जाते हैं।"

पिछले एक साल से शायरी के बजाय राजनीतिक बयानबाजी से चर्चा में रहे शायर मुनव्वर राना की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का केंद्र समाजवादी पार्टी बनने के लिए तैयार हो गई है।

असम के राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्ब करीमगंज जिले के बराक वैली में एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा, “बराक घाटी क्षेत्र में रहने वाले हिंदुओं के साथ न्याय किए जाने की जरूरत है। हमने बराक वैली के हिंदुओं को न्याय का वादा किया है। प्रतीक हजेला की वजह से एनआरसी का काम अभी भी लटका पड़ा है।“

गृह मंत्री अमित शाह शनिवार और रविवार को दो दिन के लिए  के दौरे पर थे। उन्होंने इन दो दिनों में रोड शो से लेकर बंगाल की धरती की महान हस्तियों को नमन कर टीएमसी सरकार पर हमला बोला। 

सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलन में आरोपी जैनब सिद्दीकी ने बताया कि देर रात पुलिस आई और फोटो दिखाते हुए कहा कि वह सीएए-एनआरसी के प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।

सीएए 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से देश में आए हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों से संबंधित गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना चाहता है।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐसा फैसला दे दिया है, जिसके कारण सभी प्रदर्शनकारियों और धरनाधारियों को अब ज़रा सम्हलकर रहना होगा।

शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ 100 दिनों से अधिक समय तक धरना चला था और इस दौरान आवागमन भी पूरी तरह ठप हो गया था। शीर्ष अदालत के इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भविष्य में यह नजीर का काम भी काम करेगा।

शाहीनबाग़ (दिल्ली) में 101 दिन (दिसंबर-मार्च 2020) तक प्रायोजित रास्ता रोको अभियान पर अपना निर्णय देकर सुप्रीम कोर्ट ने असंख्य भुक्तभोगियों को तनिक भी राहत नहीं दी|

सीएए व एनआरसी के विरोध में हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत गत 19 दिसंबर को लखनऊ में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई हिंसा में कुल 23 लोगों की मौत हुई और पुलिस कर्मियों समेत लगभग 600 लोग घायल हुए थे।