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सीएए व एनआरसी के विरोध में हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत गत 19 दिसंबर को लखनऊ में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई हिंसा में कुल 23 लोगों की मौत हुई और पुलिस कर्मियों समेत लगभग 600 लोग घायल हुए थे।

अनलॉक-1 के शुरू होते ही सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) के विरोध में फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के घंटाघर पर 17 जनवरी यानी 66 दिन से नागरिकता कानून(सीएए) के खिलाफ चल रहा महिलाओं का धरना प्रदर्शन खत्म हो गया है।

कई महीनो से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में CAA और NRC के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को लेकर अब नई खबर आ रही है।

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के चलते स्‍थानीय दुकानदारों ने पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात की है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने राजधानी लखनऊ के सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलनकारियों की तस्वीरों को सरकार द्वारा चैराहों पर लगाए जाने को गैर कानूनी बताते हुए इसे अपने विरोधियों के चरित्र हनन की आपराधिक और षड्यंत्रकारी राजनीति करार दिया है।

देश में CAA के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन से सब लोग वाकिफ है, हर तरफ इसे लेकर बवाल चल रहा है।

CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर इंडियन मुस्लिम लीग के नेता द्वारा हाई कोर्ट में दायर याचिका को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

एनआरसी व एनपीआर पर बिहार में नीतीश कुमार द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कराए जाने के बाद जाति अधारित जनगणना पर नीतीश के फैसले को एक बड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।

विश्व हिन्दू परिषद का शीर्ष नेतृत्व भले ही दावा करे कि वह किसी राजनैतिक दल से नाता नहीं रखता हो और वह शुद्ध रूप से हिन्दू समाज के हित के लिए देश में अलख...