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दिल्ली में बढ़ रहे वायु प्रदुषण पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि दिल्ली में एयर क्लीनिंग डिवाइस क्यों नहीं है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि चीन कैसे प्रदुषण को कैसे नियत्रिंत किया है। अपने पास ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं है।

गहलोत गोयल को समझाने के लिए उनके घर गए थे। इस दौरान वो अपने साथ फूल और मास्क लेकर गए। गहलोत और गोयल के बीच ऑड-ईवन को लेकर तर्क-वितर्क भी जमकर हुआ। गोयल का कहना है कि दिल्ली के सातों सांसदों से ऑड-ईवन पर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं की गई।

गोयल ने आगे कहा कि अगर पराली इतनी ही दोषी है तो राष्ट्रीय राजधानी में ऑड-ईवन क्यों लागू किया गया है। अगर ऑड-ईवन की टाइमिंग होती तो स्थिति ये नहीं होती, इसको गलत समय पर क्यों लागू क्यों किया गया है?

अगर आपकी गाड़ी के नंबर प्लेट का आखिरी नंबर ऑड है यानी कि वहां 1,3,5,7,9 है तो आप 5, 7, 9, 11, 13 और 15 तारीख को अपनी कार सड़क पर निकाल सकते हैं। ऐसे में आज यानी 4 नंवबर को 2,4,6,8,0 नंबर की गाड़ी निकाल सकते हैं।

सोमवार से दिल्ली में सम-विषम योजना लागू होने जा रही है। जो लोग इस नियम को नही मानेंगे उन पर 4000 रुपये का जुर्माना लगेगा। दिल्ली के सीएम सहित उनकी कैबिनेट व दिल्ली के सभी अधिकारी योजना के दायरे में रहेंगे।

ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार कई बदलावों के साथ ऑड-ईवन को लागू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि फिलहाल परिवहन विभाग ने सुझाव रखा है कि ऐसे प्राइवेट कमर्शियल वाहन जो सीएनजी से चलते हैं, उन्हें इस बार नियम से छूट न दी जाए।

दिल्ली में बाइक पर चलने वाले लोगों और कार चलाने वाली महिलाओं को सुकून देने वाली खबर है। दिल्ली सरकार की 4-15 नवंबर के बीच लागू होने वाली सम-विषम योजना के दायरे में दोपहिया और महिला चालक वाली कारें नहीं आएंगी।

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर ऑड-ईवन स्कीम लागू होगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑड-ईवन स्कीम को फिर से लागू करने का ऐलान किया है। इस बार यह 4 से 15 नवंबर के बीच लागू होगा।

नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को दिल्ली सरकार द्वारा सम-विषम परियोजना में महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट देने की याचिका ठुकरा दी। एनजीटी ने दिल्ली सरकार की ओर से सोमवार को दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। एनजीटी ने कहा कि आपातकालिन वाहनों के अलावा किसी को …

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के ख़तरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद जहां इस पर राष्ट्रीय बहस छिड़ी हुई है और दिल्ली सरकार इससे निपटने के लिए ऑड-ईवन लागू करने की दलीलें दे रही है।