omar abdullah

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला की एक तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर आप हैरान हो जाएंगे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद उन्हें हिरासत में रखा गया है।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 5 अगस्त को हटाया गया था। इसके बाद से ही सभी स्कूलों को भी बंद कर दिया गया था। दरअसल, राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई थी। मगर अब धारा 144 समेत अन्य पाबंदियों को हटा दिया गया है और अब आज से स्कूल भी शुरू हो गए हैं।

उमर अब्दुल्ला की रोजाना जांच भी की जाती है ताकि उनके स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट मिलते रहें। यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी जाती है। वैसे अब्दुल्लाह शाम को किताबें और न्यूजपेपर पढ़ते हैं।

उमर उब्दुल्ला के पिता फारुख अब्दुल्ला को भी नजरबंद किया गया है। वह कई बार बेटे से मिलने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन प्रशासन इसे खारिज कर चुकी है। महबूबा मुफ्ती और उमर उब्दुल्ला को न तो फोन इस्तेमाल करने की इजाजत दी गयी है और न ही किसी समाचार चैनल या समाचार पत्र से मिलने की।

शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्ष के 12 नेताओं के साथ श्रीनगर पहुंचे थे। हालांकि, प्रशासन ने उनको एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया। राहुल के साथ सीपीआई, डीएमके, एनसीपी, जेडीएस, आरजेडी और तृणमूल के नेता श्रीनगर पहुंचे थे।

लड़ाई ज्यादा बढ़ने के बाद अब्दुल्ला को फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया गया। मगर महबूबा अभी भी हरि निवास में रह रही हैं। मालूम हो, ये वहीं निवास है, जोकि पहले मुख्यमंत्री आवास के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था।

केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेटस अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया है। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पहली बार मंगलवार सामने आए।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत प्रदेश के कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इनमें एनसीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, सज्जाद लोन, इमरान अंसारी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर में हाल में लिए गए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती समेत अन्य फैसलों के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच निवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल से मुलाकात की।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव का बहिष्कार करने में खतरा है। अगर चुनाव का बहिष्कार होता है, तो जैसा संसदीय चुनावों में हुआ था। विधानसभा चुनावों में भी ऐसा ही होगा।