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लेकिन दोनों नाजुक मसलों पर शेख हसीना का रवैया बहुत संतुलित रहा। बांग्ला घुसपैठियों को लेकर प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी जितना शोर मचा रही हैं, उसके विपरीत हसीना ने भारत सरकार की कार्रवाई पर कोई अप्रिय टिप्पणी नहीं की।

संघ अपनी विकास यात्रा के 94 वर्ष पूर्ण कर चुका है। इन वर्षों में हिन्दू संगठन के साथ-साथ आम लोगों का विश्वास जीतने और राष्ट्र जागरण के प्रयास में संघ पूर्णतया सफल रहा है। देश दुनिया में आर.एस.एस. नाम से विख्यात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है।

मैं सोचता हूं कि अफगानिस्तान में जितनी अमेरिका की रुचि है, उससे ज्यादा भारत की होनी चाहिए, क्योंकि एक तो अफगानिस्तान भारत का पड़ोसी है, दूसरा भारत ने उसके पुनर्निर्माण में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है और तीसरा अफगानिस्तान शांत और स्थिर रहेगा तो भारत को मध्य एशिया के पांचों गणराज्यों के साथ उद्योग-व्यापार बढ़ाने में भारी सुविधा हो जाएगी।

भारत- जैसे उदार और लोकतांत्रिक देश में गाय के नाम पर किसी की हत्या हो जाए और किसी मुसलमान या ईसाई को मार-मारकर ‘जयश्रीराम’ बुलवाया जाए, इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है ?

पाकिस्तान के नेताओं की यह पहल दो घटनाओं के बीच हो रही है। एक तो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसी द्वारा पाकिस्तान को भूरी सूची में उतार दिया गया है, आतंक के कारण और दूसरा भारत द्वारा दक्षेस (सार्क) की जगह अब ‘बिम्सटेक’ (पूर्वी पड़ौसियों) पर अपना ध्यान टिकाने के कारण।

चुनावी माहौल में कभी यूपी के अपराजेय योद्धा मुलायम सिंह यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले शिवपाल सिंह यादव खुद को बेगाना महसूस कर रहे हैं।

तकरीबन एक माह बाद आम चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। चुनावी गरमाहट का अहसास हर आम ओ खास को होने लगा है। वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी हैं। पिछल पांच साल से मोदी देश से लेकर बाहर तक दहाड़ते नजर आए हैं औऱ विपक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की नाकाम कोशिश में लगा रहा है।

गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है। इस दिन प्रत्येक भारतवासी के मन में देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति स्नेह और स्नेह की लहरें हिलोरें लेने लगती हैं। हम सभी जानते हैं कि संवैधानिक सभा के 389 सदस्यों द्वारा 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में हमारे संविधान का प्रारूप बनाया गया था। संविधान सभा द्वारा 29 अगस्त 1947 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में इस प्रारूप समिति का गठन हुआ था।

खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर के पर पीएम की तस्वीर को लेकर विवाद हुआ इस साल खादी ग्रामोद्योग के आए कैलेंडर और डायरी में पीएम मोदी को चरखा काटते दिखाया गया है।

लखनऊ: देश बदल रहा है।  हम बुलट ट्रेन चलाने की कोशिश में जुटे हैंं, वहीं पुखरायां रेेल हादसे के महज 5 हफ्ते बाद ही यूपी के कानपुर में रूरा में एक और हादसा हो गया। एक तरफ  हम बुलट ट्रेन का सपना देख रहे हैं वहीं दूसरी ओर ट्रेन हादसे थम नहीं रहे। कानपुर हादसे के …