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भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने गुरुवार को विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। जैसे ही चीफ जस्टिस शपथ लेने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचे, विपक्षी सांसदों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया और सदन से वॉक आउट कर गये।

सदन में बसपा के लालजी वर्मा ने कानपुर देहात के गजनेर थानान्र्तगत मंगटा गांव में दलितों की बस्ती में दंबगों द्वारा हमलाकर उन्हे घायल किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में सामंतवादियों का मनोबल बढा है।

संसद के बजट सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एकजुट विपक्ष ने सरकार से नागरिकता संशोधन विधेयक, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कश्मीर की स्थिति, महंगाई, किसानों की समस्याओं आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की।

बजट सत्र से पहले एकजुट विपक्ष ने सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA), अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कश्मीर की स्थिति, महंगाई, किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष हदय नारायण दीक्षित ने कहा कि वित्तीय अनुशासन समितियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं। उन्होंने समिति के कार्यों में और गति लाने के लिए आह्वान किया।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों की सोमवार को बैठक हुई। इस बैठक के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। साथ ही उन्होंने सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

भारतीय जनता पार्टी, लखनऊ महानगर के सभी 25 मण्डलों में नागरिक संशोध्न बिल को लेकर कार्यशालायें आयोजित की गयी। लखनऊ महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने पूर्व मण्डल 2 एवं मध्य मण्डल 1 की कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये कहा कि नागरिक संशोधन बिल को लेकर विपक्ष ने भ्रामक दुष्प्रचार कर प्रदेश एवं लखनऊ महानगर में अशांति फैलाकर हिंसा को बल दिया।

उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष, हृदय नारायण दीक्षित ने मंगलवार से प्रारम्भ हो रहे विधान सभा के चतुर्थ सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग का आग्रह किया।

महाराष्ट्र में गठबंधन एनडीए से अलग होने के बाद शिवसेना के सांसद,संसद में भी विपक्ष में बैठेगे। शिवसेना 11 नवंबर को एनडीए से अलग हो गई। शिवसेना के एनडीए से दूर होने के बाद राज्यसभा में बैठक की व्यवस्था बदल गई है। अब पार्टी के सांसद विपक्ष की तरफ बैठेंगे।