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पी. चिदंबरम ने कहा कि गलवान घाटी पर चीन ने फिर से अपना दावा ठोका है, क्या एनडीए की सरकार फिर से मांग करेगी कि यथास्थिति बहाल होनी चाहिए। क्या सरकार यथास्थिति बहाल करने में सफल होगी।

लॉकडाउन को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज का एलान करने के बाद से इस पर सियासत शुरू हो गई है। रविवार को निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य, शिक्षा, मनरेगा समेत कई अन्य बिन्दुओं पर सरकार की ओर से खर्च किये जा रहे पैसे का ब्यौरा दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा के बाद बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेक्टर आधारित पैकेज के बारे में जानकारी। पहले से ही मोदी सरकार हमलावर कांग्रेस ने इस पर निराशा जाहिर की है।

पूर्व वित्त मंत्री ने पहले ट्वीट में लिखा, "कर्ज़माफी या बट्टेखाते में डाले जाने पर बहस अप्रासंगिक है, जो लोग इससे बहुत खुश होंगे, वे हैं नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या। नियम इंसानों ने ही बनाए हैं। अगर कोई नियम बनाया जा सकता है, तो उसे खत्म भी किया जा सकता है।"

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण दोनों ही उनके सवालों के जवाब नहीं दे सके हैं। जब से देश भर में लॉकडाउन हुआ है, तब से ही पी चिदंबरम गरीबों के खातों में पैसे ट्रांसफर करने की बात कह रहे हैं।

लॉकडाउन को समर्थन देने वाले पहले नेताओं में से एक पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को सुझाव दिया कि लॉकडाउन हटाने को लेकर कोई भी फैसला करने से पहले राज्यों से सलाह ली जाए।

पीएम की इस अपील पर राजनीति होनी शुरू हो गई है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि हम दीया जलाएंगे, लेकिन जवाब में अर्थशास्त्रियों की बात भी सुनें।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आह्वान किया कि कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए सभी शहरों की सीमाओं को दो से चार सप्ताह तक सील कर दिया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने रविवार को देश में राज्य सरकारों व केंद्र के बीच समन्वय के अंतर को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने केंद्र सरकार से देश में कोरोना वायरस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए और कदम उठाने का आग्रह किया।

बैंक के संकट को देखते हुए RBI द्वारा निकासी की सीमा 50000 रुपये तय की गई है। स बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है, ''मैं सभी जमाकर्ताओं को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि उनका पैसा सुरक्षित है, मैं लगातार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ संपर्क में हूं। जमाकर्ताओं, बैंक और अर्थव्यवस्था के हित में कदम उठाए जा रहे हैं।''