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जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू होने के बाद से पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती समेत कई अन्य कश्मीरी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। बाद में एक-एक करके इन तमाम नेताओं की रिहाई कर दी गई। ये तीनों ही नेता इस वक्त रिहा हो चुके हैं। रिहा होते ही इन्हें अपने अस्तित्व पर खतरा मंडराते हुए नजर आने लगा। इसलिए आनन-फानन में एक बार फिर से फारूक अब्दुल्ला की अगुवाई में उनके  गुपकार रोड स्थित आवास पर तमाम बड़े कश्मीरी नेताओं की बैठक बुलाई गई और अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग की गई।

उन्होंने आज ट्वीट करते हुए लिखा-दिल्ली पुलिस ने दिल्ली दंगों के मामले में एक पूरक आरोप पत्र में सीताराम येचुरी और कई अन्य विद्वानों और कार्यकर्ताओं का नाम लेते हुए आपराधिक न्याय प्रणाली का मजाक उड़ाया है।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने मांग को प्रोत्साहित करने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में मदद करने के लिए  सरकार को कुछ टिप्स दिए हैं।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मामला एक बार फिर से गरमाने लगा है। यहां की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए साथ आने का निर्णय किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा कानून (PSA) के तहत पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की हिरासत को बढ़ाया जाना कानून का दुरूपयोग।

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने आज राजस्थान में चल रहे सियासी संकट को लेकर ईडी पर तंज कसा है। साथ ही ईडी को ‘चतुर’ की संज्ञा दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है- यह चतुर ईडी 2007 के एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला ढूंढ लेती है।

पी. चिदंबरम ने कहा कि गलवान घाटी पर चीन ने फिर से अपना दावा ठोका है, क्या एनडीए की सरकार फिर से मांग करेगी कि यथास्थिति बहाल होनी चाहिए। क्या सरकार यथास्थिति बहाल करने में सफल होगी।

लॉकडाउन को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज का एलान करने के बाद से इस पर सियासत शुरू हो गई है। रविवार को निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य, शिक्षा, मनरेगा समेत कई अन्य बिन्दुओं पर सरकार की ओर से खर्च किये जा रहे पैसे का ब्यौरा दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा के बाद बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेक्टर आधारित पैकेज के बारे में जानकारी। पहले से ही मोदी सरकार हमलावर कांग्रेस ने इस पर निराशा जाहिर की है।

पूर्व वित्त मंत्री ने पहले ट्वीट में लिखा, "कर्ज़माफी या बट्टेखाते में डाले जाने पर बहस अप्रासंगिक है, जो लोग इससे बहुत खुश होंगे, वे हैं नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या। नियम इंसानों ने ही बनाए हैं। अगर कोई नियम बनाया जा सकता है, तो उसे खत्म भी किया जा सकता है।"