pangong lake

पैंगॉन्ग झील के आसपास के इलाकों और दूरदराज के गांवों को पहली बार मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ने पर लोग इतने खुश हुए कि नाच और गाकर जश्म मनाना शुरू कर दिया। बता दें कि लद्दाख में सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने पैंगॉन्ग झील के आसपास, मेरक गांव और अन्य क्षेत्रों में टावर लगाया है।

लद्दाख में सीमा भूमि विवाद मुद्दे पर हुई इस बातचीत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पैंगोंग लेक से सैनिकों के पीछे हटने के साथ ही, दोनों देशों को पूर्वी लद्दाख के अन्य विवादित मुद्दों को भी सुलझाना चाहिए।

विवादित पैंगोंग झील के पास दोनों देशों के सैनिकों की तैनाती पर हुई सुलह और क्षेत्र से पीछे हटने के बाद चीनी सैनिकों ने नया डेरा बना लिया है।

भविष्य की चुनौतियों और चीन की घुसपैठ की आशंका को दूर करने लिए, अप्रैल 2020 की स्थिति में सैन्य स्थिति की बहाली के लिए एक जांच आयोग गठित किया जाना चाहिए ताकि 1999 में जिस तरह पाकिस्तानी सैनिकों ने घुसपैठ की थी ऐसी स्थिति यहां न दोहराई जाए।

आखिरकार पूर्वी लद्दाख में विवादित क्षेत्र से चीन की सेना पीछे हट गई। लद्दाख का एक वीडियो सामने आया है, जिसमे चीन के आर्मी टैंक बॉर्डर से वापस लौट रहे हैं।

लाइन ऑफ एक्च्यूअल कंट्रोल(LAC) पर बीते कई महीनों से लगातार तनातनी जारी है। इस बीच कई बार भारत और चीन की सेनाओं के बीच खूनी संघर्ष भी हो चुका है। ऐसे में अब सीमा से बड़ी खबर आ रही है कि पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण दोनों किनारों से दोनों देशों ने सेनाएं पीछे हटाना शुरू कर दिया है।

चीन की गतिविधि पर नजर बनाने और जवाब देने के लिए भारतीय सेना 12 हाई परफॉर्मेंस पेट्रोलिंग बोट्स खरीदने जा रही है। इन गश्ती नौकाओं से भारत की ताकत में बढ़ेगी।

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच पैंगोंग त्सो झील संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में चीन हमेशा से यहांपेट्रोलिंग के दौरान अपनी बोट के जरिए भारतीय बोट को टक्कर मारकर नुकसान पहुंचाने की और भारतीय सेना की बोट को डुबोने की कोशिश करता रहता है।

भारत और चीन के बीच जारी विवाद के जल्द खत्म होने की तो अब उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मई से जारी इस विवाद को लेकर कई बार दोनों देशों के बीच हुई वार्ता से भी कई मसला नहीं निकल पाया है। LAC पर सेना को पीछे करने की कोशिशों को लेकर हुई बातचीत में भी अभी तक कोई परिणाम नहीं निकल पाया है।

कई महीनों से लद्दाख सीमा पर चल रहा तनाव थमता हुआ तो दिखाई नहीं दे रहा है। बीते दिनों भारत और चीन के बीच कोर कमांडर लेवर की मीटिंग जोकि 11 घंटे से ज्यादा चली, और रात 11:30 बजे खत्म हुई।