pangong lake

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बीच भारतीय सेना के जवान फिंगर 4 पर भी पहुंच गए हैं, जहां वो चीनी सैनिकों से एक दम आमने सामने हें।

भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। चीन एक तरफ शांति की बात कर रहा, लेकिन उसकी सेना आक्रामता और उकसावे वाली हरकते कर रही है।

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना से मात खाने के बाद भी चीन अपनी शरारतों से बाज नहीं आ रहा है। रेंजांग ला के पास दोनों देशों के बीच ताजा गतिरोध के बाद चीन कुछ बड़ा करने की फिराक में जुटा हुआ है।

चीन अब सभी गतिरोध वाली जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक तथा टैंक तैनात कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों ही पक्षों के करीब एक लाख सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं।

पू्र्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्च्यूअल कंट्रोल पर भारत और चीन के तनातनी के चलते माहौल अब और ज्यादा तनावग्रस्त हो गया है। बीते दिनों दोनों देशों के सैनिकों के बीच पैंगोंग झील में झड़प होने की सूचना मिली थी।

लाइन ऑफ एक्च्यूअल कंट्रोल पर चीन के बढ़ते हस्तक्षेप के चलते पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर सेना के साथ स्पेशल फ्रंटियर फोर्स(एसएफएफ) भी चीनी सैनिकों का खात्मा करने में जुट गई है। इस फोर्स को तेजी से वार करने में सबसे बेहतरीन माना जाता है।

पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील में बीते दिनों हुई झड़प के चलते भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनातनी अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई है। भारतीय सेना के जाबांजों ने इस बार भी चीन को उसके मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया।

चीनी सेना ने लद्दाख में पैंगौंग झील के दक्षिणी किनारे पर स्थित ब्लैक टॉप पोस्ट पर कैमरा और सर्विलांस सिस्टम लगाया था, जिस पर अब भारतीय सेना ने कब्जा कर लिया है।

भारतीय सेना ने पैंगोंग झील (Pangong Lake) के दक्षिणी हिस्से में भारत ने अपना अधिकार जमा लिया है। यहां की कई चोटियों पर भारतीय सेना के जवान तैनात हैं।

भारतीय सेना ने पैंगोंग झील (Pangong Tso) के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक अहम चोटी पर कब्जा कर लिया है। इस विवादित चोटी पर अब इंडियन आर्मा का प्रभुत्व हो गया है।