party president

कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मचे घमासान के बीच आज पार्टी की कार्यसमिति की बैठक आज हो हुई। इस बैठक में स्पेशल इंवाईटी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियो को मिलाकर 52 सदस्य शामिल हुए हैं। सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यमक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की और साथ में उस चिट्ठी का जवाब भी दिया जिसमें नेतृत्वम पर सवाल उठाए गए थे।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की आज महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। दो भाग में बंटी कांग्रेस आज अहम फैसला ले सकती है। बैठक में कई संभावनाएं जताई जा रहीं हैं।

भारत के दो सबसे बड़े राजनीतिक दलों को साल 2020 में पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने वाला है। दरअसल, अभी भाजपा का कार्यभार कार्यवाहक अध्यक्ष संभाल रहे हैं, वहीं राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की जिम्मेदारी बतौर अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी ने उठा ली है।

विनोद कपूर  नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी नए अध्यक्ष निर्वाचित हो गए हैं। दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से इसकी औपचारिक घोषणा की गई। ज्ञात हो, कि आज (11 दिसंबर) ही नामांकन वापस लेने का आखिरी …

नई दिल्ली: राहुल गांधी ने सोमवार (4 दिसंबर) को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर दिया। इस दौरान उनके साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मोहसिना किदवई, अशोक गहलोत समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। नामांकन भरने से पहले राहुल गांधी राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद …

घोषणा पत्र जारी होते समय नहीं आकर अपनी नाराजगी दिखा दी। उनके लिए लगाई गई कुर्सी खाली रह गई। मनाने की पूरी कोशिश की गई। फोन से बात करने के बाद आजम खान मनाने और लाने मुलायम के घर भी गए लेकिन उन्होंने आजम खान को भी बैरंग वापस कर दिया।

मुलायम सिंह यादव ने पार्टी को बचाने के लिए एक झटके में अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया। जयाप्रदा को बाहर कर दिया। परिवार में अमर सिंह के खिलाफ गुस्सा था। लेकिन नेता जी की नाराजगी देर तक नहीं रहती। छह साल का निष्कासन बीतते ही अमर सिंह को राज्यसभा भेज दिया।

शिवपाल सिंह यादव ने मैनपुरी से विधान परिषद सदस्य अरविंद प्रताप यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर सपा मुखिया के विरोध में असम्मानजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करने, पार्टी विरोधी कार्यो में लिप्त रहने और अनुशासनहीन आचरण के आरोप हैं।