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तेलंगाना में कोरोना के 1,640 पॉजिटिव केस मिले हैं और 8 लोगों की मौत हुई है। तेलंगाना में अबतक कुल 52,466 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं जबकि 455 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना मरीजों की संख्या 13 लाख 37 हजार के पार हो गई है।

काशी के ललिता घाट पर बना ये मंदिर अन्य शिव मंदिरों से एकदम अलग है। इस मंदिर का निर्माण काशी के अन्य शिवालयों की तरह पत्थर से नहीं बल्कि नेपाली लकड़ी से बना हुआ है।

दुनिया के बाकी देशों- जापान, रुस, फ्रांस, एसियान और प्रशांत-क्षेत्र के देशों के बयान देखें तो उन्हें पढ़कर आपको हंसी आएगी। न वे इधर के हैं, न उधर के हैं। क्या इन देशों के दम पर चीन से हमें पंगा लेना चाहिए ?

उत्तर प्रदेश की सरकार ने उद्योग और अन्य संगठनों के साथ साझेदारी करते हुए एक अनूठी पहल ‘आत्‍मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की परिकल्पना की है जिसके तहत भारत सरकार और राज्य सरकार के कार्यक्रमों में सामंजस्‍य स्‍थापित किया गया है।

पीएम मोदी ने मंगलवार की रात राष्ट्र के नाम संबोधन में इस आर्थिक पैकेज का एलान किया। इस राहत पैकेज का एलान करते समय पीएम मोदी ने एक और उल्लेखनीय बात कही।

चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि लॉकडाउन बढ़ाया जाना चाहिए। लेकिन दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश में जिस तरह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसे देखते हुए लॉकडाउन पर काफी सोच समझकर निर्णय लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि ५ अप्रैल,२०२०की रात ९ बजे सब लोग अपने अपने घरों की छत अथवा बालकनी या घरों की लक्ष्मण रेखा के अंदर रहते हुए नौ मिनट तक दीपक या मोमबत्ती जलायें और कुछ न हो तो टार्च या मोबाइल से रोशनी फैलायें।

लॉकडाउन के बाद भी देश की स्थिति अभी खतरे से बाहर नहीं है। कोरोना संक्रमण के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। देशव्यापी लॉकडाउन के 10वें दिन केंद्र सरकार ने शनिवार को एक एडवाइजरी जारी की है।

इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 अप्रैल के लिए किये गए आह्वान के मर्म को समझने की जरूरत है। पूरे देश की कोरोना के खिलाफ एकजुट शक्ति की जरूरत है क्योंकि कोरोना किसी जाति या मजहब को देखकर नहीं फैल रहा है। यह सबको निशाना बना रहा है। इसलिए मानी जानी चाहिए मोदी की बात।

इन हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील महत्वपूर्ण है। बच्चे बड़ों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। मोदी की लक्ष्मण रेखा इतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी माता सीता के लिए लक्ष्मण रेखा थी। यदि आप ने लक्ष्मण रेखा पार नहीं की तो आप सुरक्षित हैं। समाज सुरक्षित है। लेकिन घर से बाहर निकलते ही आप खुद, आपका परिवार और समाज असुरक्षा के दायरे में आ जाता है। इसलिए घर में रहें और महफूज रहें खुद को, अपने परिवार को और समाज को।