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2014 के लोकसभा चुनाव और फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में समाज के अन्य तबकों के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग के लोंगो ने भी एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर ऐतिहासिक सफलता दिलाई। मौर्य रविवार को स्थानीय विश्वेश्वरैया सभागार में भाजपा पिछडावर्ग मोर्चा द्वारा आयोजित किये गए सम्मान समारोह के कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में मौजूद रहे।

पिछली सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात रह चुके एक विशेष मुख्य सचिव समेत तीन अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को अब भी कोई तैनाती नहीं दी गई है जबकि उनका ट्रांसफर करीब तीन हफ्ते पहले किया जा चुका था।

भौतिकी के प्रोफेसर से देश के गृहमंत्री तक का लंबा सफर तय करने वाले राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जिनकी पहचान कुशल प्रशासक और राजनीतिक शुचिता का सम्मान करने वाले परिपक्व नेता के रूप में होती है।

यूपी में बनेगें बडे बडे गोदाम नहीं हो पाएगी। इसके लिए सरकार ने अपनी तैयारी कर ली है। और जल्द ही प्रदेश के 37 मंडी स्थलों पर पांच-पांच हजार मीट्रिक टन क्षमता के कुल 1.85 लाख मीट्रिक टन के गोदामों का निर्माण कराया जायेगा।

संदीप अस्थाना आजमगढ़। राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं यहां के कई दिग्गजों को ले डूबी हैं। इनमें से कई दिग्गज ऐसे हैं जो हर चुनाव में राजनीति की मुख्य धारा में हुआ करते थे, लेकिन इस चुनाव में वे कहीं पर भी दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। कार्यकर्ता तक इनको नहीं पूछ रहे हैं। बहरहाल, ऐसे लोगों की …

जयपुर :व्हाट्सएप  राजनीतिक संदेशों के साथ लाखों लोगों को प्रभावित करता है। व्हाट्सएप पर 87 हजार से ज्यादा समूह सक्रिय हैं जिनपर राजनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान होता है। हांगकांग की काउंटर प्वाइंट रिसर्च के काउंटर प्वाइंट रिसर्च के अनुसार, 2016 अंत तक भारत में करीब 28-30 करोड़ स्मार्टफोन यूजर थे। आज, इसकी संख्या 40 करोड़ …

लोकसभा चुनाव 2019 का राजनैतिक रंग होली पर भी देखने को मिल रहा है। होली के पर्व पर एक दूसरे को अबीर लगाकर गले मिलते गुझिया खिलाने का रिवाज है। कानपुर में कांग्रेस ,बीजेपी और गठबंधन की गुझियाँ देखने को मिल रही है। इन पालिटिक्स गुझियों ने सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।

लोकतंत्र का महापर्व शुरू हो चुका है। हर पांच साल में होने वाला यह पर्व इस बार कुछ अनूठा होने के आसार हैं क्योंकि इस लोकसभा चुनाव में इस बार के चुनाव में युवा वोटरों की महत्वपूर्ण भूमिका किसी भी दल की किस्मत बदलने का काम करेगी। इसलिए हर दल युवाओं को फोकस कर अपनी रणनीति बनाने में जुटा है।

राजनीति में नेता पुत्रों की चर्चा तो सभी करते हैं लेकिन नेता पुत्रियों की चर्चा कोई नहीं करता । इधर कुछ वर्षो से नेता पुत्रियां दिन पर दिन राजनीति में एक मुकाम हासिल कर अपने पिता की विरासत संभालने का काम कर रही हैं। कुछ तो अपने दल का प्रचार करने में तो कुछ स्वयं चुनाव मैदान में उतरकर राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह बैठक बीजेपी मुख्यालय में होगी। इस बैठक में यह भी तय हो सकता है कि बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और मेजर जनरल बीसी खंडूरी को लोकसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा या नहीं।