pooja

हमारे धर्मशास्त्रों  में मनुष्य की हर मुश्किल का हल बताया गया है। धन की कमी एक ऐसी समस्या है जो व्यक्ति को एक नहीं, बल्कि कई प्रकार की परेशानियां देता है। पैसों की कमी से अपनी ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पाते। पैसे कमाने के लिए मेहनत तो करनी ही होगी

पौष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी का पावन व्रत रखा जाता है। श्री हरि भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी व्रत के समान दूसरा कोई व्रत नहीं है।

डेढ़ साल बाद दिल्ली  के बुराड़ी हाउस को किरायादार मिल गया है। इस घर में एक जुलाई, 2018 के दिन 11 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या  कर ली थी। परिवार के 10 सदस्य फांसी से लटके पाए गए थे, वहीं 77 साल की एक बुजुर्ग महिला का मृत शरीर दूसरे कमरे में बेड पर पड़ा मिला था।

पौष मास में कृष्ण पक्ष एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। यह साल की आखिरी एकादशी होती है। इस साल सफला एकादशी 22 दिसंबर को है। इस एकादशी का नाम सफला एकादशी इसलिए है क्योंकि इस एकादशी पर व्रत करने से हर कार्य सफल होता है। 

ज्यादातर धर्मों में व पूजा-अर्चना के दौरान काले रंग के वस्त्रों या वस्तुओं को वर्जित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि काला रंग नकारात्मकता फैलाता है। हिंदू धर्म में भी वैसे तो धार्मिक कार्यों के दौरान काले रंग या काले रंग के धागों का इस्तेमाल नहीं किया जाता ,लेकिन कुछ ख़ास कामों के लिए काले रंग को असरदार  है। कहते हैं कि काला धागा हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है।

कल यानि 12 दिसंबर 2019 का दिन हिंदू पंचांग में बहुत महत्व रखता है। इस दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। धर्मानुसार पूर्णिमा को विशेष तिथि के रूप में देखा जाता है। हर माह की शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि पूर्णिमा कहलाती है। ज्योतिषानुसार, इस पूर्णिमा की रात को चंद्रमा भी ग्रहों की मजबूत स्थिति में रहता है।

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ व्रत उपवास का मह्त्व बहुत अधिक है। साथ हर त्योहार से कई परंपराएं जुड़ी होती है। इसीतरह पूजा पाठ पूजा के समान में फूलों का खास महत्व है। जब कोई त्योहार आता है, जैसे नवरात्रि, दिवाली तो इसमें मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक रंगोली व तोरण लगाए जाते है।

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं।और इस दिन से शुभ कार्य का आरंभ होता है। श्रीविष्णु की पूजा विधि-विधान की जाती है। देवउठनी एकादशी 08 नवंबर को है। इस दिन उपवास रखने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मोक्ष का मार्ग खुलता है।

4 माह के बाद कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को देवउठनी एकादशी कहते हैं। इस बार 8 नवंबर देवउठनी एकादशी है। इस दिन श्रीविष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

सूर्य की उपासना का महापर्व है छठ। छठ एक ऐसा महापर्व है जिसे लगातार चार दिनों तक पूरी आस्था और विश्वास के साथ मनाया जाता है। साथ ही छठ पर्व में कठोर नियमों का पालन भी किया जाता है। इसी कड़ी में जानिए छठ से जुड़ी कुछ मान्यताएं और इस व्रत के लाभ ।