prayagraj

कॉमेडी फिल्म ‘तेरी भाभी है पगले’ के बाद निर्देशक विनोद तिवारी जल्द ही 'प्रयागराज' के साथ सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक देंगे। ये फिल्म कुंभ पर आधारित है, जिसका आयोजन 'प्रयागराज' में ही किया जाता है। यूं तो बॉलीवुड की कई फिल्मों में कुंभ की बातें हुईं है, मगर जहां तक बात इस फिल्म के सब्जेक्ट की है तो पहली बार कुंभ विस्तृत तौर पर पृष्ठभूमि में नजर आएगा।

महाशिवरात्रि के पर्व कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रयागराज में चल रहे आस्था के विराट संगम कुंभ मेले का अंतिम स्नान महाशिवरात्रि के दिन होता है। भगवान शिव और माता पार्वती के इस पावन पर्व पर कुंभ में आए सभी भक्त संगम में डुबकी जरूर लगाते हैं।कुंभ मेला प्रशासन के मुताबिक, कुंभ के अंतिम स्नान पर करीब 60 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

तमिलनाडु से दिल्ली तक बुलेट रैली निकालने वाली सामाजिक कार्यकर्ता राजलक्ष्मी मंडा की हजारों किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से तय करने के लिए उनके जज्बे की जमकर सराहना हो रही है।महिलाओं को शक्ति और आत्मविश्वास से लबरेज करने का प्रण लेकर चेन्नई से निकली राजलक्ष्मी मांडा प्रयागराज पहुंची। राजलक्ष्मी मंडा ने कहा प्रयागराज वासियों से मिलकर प्रसन्नता हुई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सरकार के फैसले से किसी कानूनी या संवैधानिक उपबन्धों का उल्लंघन नहीं हुआ है। यह सरकार का प्रशासनिक व नीतिगत निर्णय है। इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार मौजूद नहीं है। कोर्ट ने गंगा यमुना संगम व प्रयाग की पौराणिक संस्कृति का हवाला भी दिया।

इस पुराने शहर का शायद ही कोई ऐसा मोहल्ला हो जो समस्या से न जूझ रहा हो। इन्हीं में से एक समस्या हैं आवारा जानवर। धनी आबादी, व्यस्त बाजार में घूमते, सड़क, गलियों में आराम फरमाते, गंदगी फैलाते इन मवेशियों से हर कोई परेशान है।

परमार्थ निकेतन शिविर अरैल सेक्टर 18 प्रयागराज में स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वच्छता ग्राही एवं सफाईकर्मियों को सम्मानित किया गया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने स्वयं अपने हाथों से स्वच्छता ग्राहियों को भोजन प्रसाद परोसा।

दुनिया भर के लोग भव्य कुंभ की दिव्यता देखने हजारों किलोमीटर दूर से चले आ रहे हैं। संगम में मोक्ष की एक डुबकी लगा लेने को आतुर विशाल जनसमूह रोज ही बड़ी संख्या में कुंभनगरी पहुंच रहा है। शाही स्नान पर तो संख्या करोड़ों में पहुंच जाती है।

आध्यात्म और तप की नगरी कुंभ में माघी पूर्णिमा पर कल्पवास पूर्ण हो रहा है। वसंत पंचमी के शाही स्नान के साथ ही मेले से संतों का डेरा उठने लगा था। सेक्टर 16 समेत कई सेक्टरों में सन्नाटा पसरने लगा था, लेकिन शुक्रवार से अचानक कुंभ नगरी में श्रद्धालुओं की हलचल तेज हो गई।

दिव्य कुंभ भव्य कुंभ का श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक कनेक्शन एक बार फिर देखने को मिल रहा है। वसंत पंचमी के बाद से जहां मेला समापन की ओर बढ़ा तो वहीं मेले में श्रद्धालुओं की संख्या भी कम होती गई। मेले से संतों के प्रस्थान से भी मेले की रौनक धुंधलाने लगी थी। लेकिन शनिवार को अचानक कुंभ नगर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कुंभ में गंगा यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के दर्शन को उमड़ी तो एक बार फिर आध्यात्मिक, तपोभूमि पर हलचल बढ़ गई है।

गुरूवार को काश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में महेश की शहादत की खबर पहुंची तो जहां परिजनों में कोहराम मच गया तो वहीं गांव समेत पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।