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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कुंभ में एक और रिकार्ड तैयार करने को तैयार है जब 29 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मंत्रिमंडल के सभी सदस्य पतित पाविनी गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाएंगे।

विशेष जज एमपी एमएलए पवन कुमार तिवारी ने जहां ददुआ के पुत्र बीर सिंह पटेल को 2008 के धारा 384,420,468,471 आईपीसी के कर्वी थाने के मामले में समर्पण करने पर जेल भेज दिया । साथ ही जमानत की सुनवाई 21 जनवरी को निश्चित कर दी।

रतिभान त्रिपाठी प्रयागराज। केरल से कुंभदर्शन को आए आर. महादेवन गंगा की उत्ताल तरंगों को देखकर मंत्रमुग्ध हैं तो आस्ट्रेलिया के सिडनी से आए जेम्स और उनकी सहयोगी चेल्सा अखाड़ों का वैभव देखकर चकित। संतों की यज्ञशालाओं से उठता हविश का धुआं वातावरण को सुगंधित ही नहीं कर रहा, दिव्यता का अनुभव भी दे रहा …

कुंभ मेले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।गांधीवाद पुनरूत्थान शिखर सम्मेलन का शुभारम्भ एवं समापन राष्ट्र गान से हुआ। तत्पश्चात माननीय श्रीमती सविता कोविंद जी के कर कमलों से नारी शक्ति निषादराज समुदाय का सम्मान और सत्कार हुआ तथा उन्हें भेंट स्वरूप 50 महिलाओं को साड़ियां प्रदान की गयी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार कुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे। बमरौली एयरपोर्ट से राष्ट्रपति कोविंद संगम तट पर पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व कल्याण के लिए हवन-पूजन और गंगा आरती की। राष्ट्रपति ने साधु-संतों से भी मुलाकात की।

'कुंभ' के मनोहारी दृश्य गंगा, यमुना और सरस्वती का पावन सुरम्य त्रिवेणी संगम आस्था का सैलाब मानस कुंभ को मथने लगते हैं क्योंकि आध्यात्मिक जगत में ये अमृत की बूंदें हमारे घट में भी हैं। सत संगति, सच्चे साधु, संत और गुरुकृपा हमें अमृत का ज्ञान करा देती है।

इस समय देश और दुनिया में सिर्फ एक नाम गूंज रहा है और वो है कुंभ का। कुंभ को विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन या मेला माना जाता है। इतनी बड़ी संख्या में सिर्फ हज के दौरान ही मक्का में मानव समुदाय इकट्ठा होता है।

कुंभ में हुंकार भरते, शरीर पर भभूत लगाए नाचते-गाते नागा बाबाओं को अक्सर आप ने देखा होगा, लेकिन कुंभ खत्म होते ही ये नागा बाबा न जाने किस रहस्यमयी दुनिया में चले जाते हैं, इसका किसी को नहीं पता। नागा साधु आखिर कहां से आते हैं और कुंभ के बाद कहां जाते हैं?

प्रयाग का कुंभ सनातनी वैभव व भारत की आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र है। इस कुंभ से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया को एक नई दिशा मिलनी है। इस कुंभ के जरिये गंगा व पर्यावरण संरक्षण के अभियान को नया विस्तार मिलना तय है। पर्यावरण के लिए मूल तत्वों में जल का अभिन्न स्थान है।