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रंगों का त्योहार होली फाल्गुन महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। तेज संगीत और ढोल के बीच एक दूसरे पर रंग और पानी फेंका जाता है। देशभर में मनाया जाने वाला ये त्योहार भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार होली से हिरण्यकश्यप की कहानी जुड़ी है।

वैलेनटाइन आ रहा है। लोग अपने पार्टनर के साथ इस खूबसूरत दिन को मनाने की तैयारी में लगे है। कुछ लोग इस वेलेनटाइन पर प्रमोज की सोच रहे होंगे तो कुछ पार्टनर के साथ लव मैरिज करने की सोच रहे होंगे। अब इसमें सबका आशीर्वाद कैसे मिले इस के लिए ज्योतिष से भी मदद ले सकते हैं।

कृष्ण को लेने के लिए कंस ने रथ भेजा था। जिसके आते ही सभी ने उस रथ के आसपास घेरा बना लिया। ये सोचकर कि वे कृष्ण को जाने नहीं देंगे। उधर कृष्ण को राधा की चिंता सताने लगी। वे सोचने लगे कि जाने से पहले एक बार राधा से मिल लें। इसलिए मौका पाते ही वे छिपकर वहां से निकल गए।

अक्सर लोग शादी को लेकर उलझन में रहते है कि शादी करें या ना करें। अगर करें भी तो कैसी शादी करें। ज्यादातर लोगों की चाहत लव मैरिज शादी की होती है। प्रेम एक खूबसूरत अनुभूति है। जब दो दिल एक होना चाहते हैं तो समाज बीच में आता है और अड़चने पैदा होने लगती है।

 शाम होते ही निधिवन को बंद करके लोगों को यहां से बाहर निकाल दिए जाते हैं क्योंकि माना जाता है कि यहां प्रत्येक रात को श्री कृष्ण आकर गोपियों संग रासलीला करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन्हें देखता है तो वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है या उसकी मृत्यु हो जाती है।

जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा हो या विवाह में विलंब हो रहा हो, उनको अच्छे जीवनसाथी के लिए माता कात्यायनी के इस मंत्र का जप  करना चाहिए, जैसे द्वापर युग में श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए गोकुल की गोपियों ने इस मंत्र का जप किया था।

जयपुर:भारत में ऐसे कई स्थान हैं जहां रहस्यमयी अौर चमत्कारों की कहानियां सुनने को मिलती हैं। वृंदावन भी इन्ही में एक है, जहां भगवान कृष्ण का बचपन गुजरा था। वहीं पर निधि वन है जहां माना जाता है कि प्रत्येक रात को श्रीकृष्ण देवी राधा और गोपियों के संग रासलीला करते हैं। शाम होते ही निधिवन …

जयपुर: भगवान के नाम में इतनी शक्ति है कि बस स्मरण से जीवन सफल हो जाता है।  वैसे तो किसी भी देवी-देवता का नाम लें हर इच्छा पूरी होती है। लेकिन जब प्रेम त्याग की मूरत राधा रानी का नाम लेते है तो जीवन में सच्चे प्रेम का संचार होता है। जीवन में सुख, प्रेम …

मथुरा: होरी के हुरियारे भगवान और उनकी हुरियारिन प्रिया होरी में जमकर नाचने के बाद भी नहीं थके। भगवान संग भक्तों की मस्ती का आलम ये रहा कि मंदिर ताल तलैया बन गया और रंग की धारा दरबाजों को पार करके बाहर रास्तों तक आ गईं। जगमोहन में सजा बगीचा और उसी लता-पताकाओं संग फूल …

मथुरा: भगवान श्रीकृष्ण ने जिस गांव में अपने बचपन की लीलाएं की थीं, उसी गांव गोकुल में द्वापर युग की दिव्य होली जीवंत हो रही थी। देश- दुनिया से आए श्रद्घालु भगवान द्वारा बचपन में खेली गई होली के दर्शन करने को मचल रहे थे। गोकुल का आसमान रंग और अबीर- गुलाल से रंगा था। …