rahul gandhi

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ घाटी का दौरा करने की इजाजत मांगी थी। कांग्रेस नेता की इस मांग को राज्यपाल ने खारिज कर दिया ।

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से कांग्रेस समेत देश की पार्टियां विरोध कर रही हैं। कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि घाटी में हालात सामान्य नहीं है। राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार के दावे के विपरीत वहां अशांति का माहौल है।

जो भी लोकप्रिय और दमदार नेता होगा, पार्टी उसे चुन लेगी। वह कोई राहुल से भी युवा और सोनियाजी से भी ज्यादा बुजुर्ग हो सकता है। कांग्रेस में दर्जनों श्रेष्ठ और अनुभवी नेता हैं। वे चाहें तो कांग्रेस को एक सच्ची लोकतांत्रिक पार्टी बना सकते हैं।

कांग्रेस के रणनीतिकार यह नहीं समझ पा रहे है कि उनकी परेशानी का हल किसी परिवार से जुड़ा नहीं है। कांग्रेस की असल परेशानी यह है कि आजादी के आंदोलनों के फ्रेम में जड़ी कांग्रेस के तस्वीर पर इतनी धूल जम गयी है कि अब वह तस्वीर धुंधली हो चुकी है।

इसके बाद भी राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे। फिर सीडब्ल्यूसी की दूसरों बैठक हुई। इस दौरान भी उनसे आग्रह किया गया कि वह अध्यक्ष पद को न छोड़े लेकिन इस बार भी वो नहीं माने। अब सवाल खड़ा हुआ कि गांधी परिवार से ऐसा और कौन है जो ये ज़िम्मेदारी उठा सकता है।

कांग्रेस का नया अध्यक्ष तय करने के लिए पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हो रही है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए कांग्रेस ने 5 समितियां बनाकर रायशुमारी करने का फैसला लिया था।

अध्यक्ष के चुनाव को लेकर शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इस बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में राहुल गांधी से अध्यक्ष पद पर बने रहने की अपील की। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के बिना पार्टी कैसे चलेगी? लेकिन राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर बने रहने से एक बार फिर इंकार कर दिया।

पार्टी के नये अध्यक्ष को लेकर मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत और सुशील कुमार शिंदे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नामों की चर्चा है। सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अगले कुछ दिनों के भीतर निर्णय हो जाएगा।

सीडब्ल्यूसी की बैठक से पहले शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी से मुलाकात भी की। मुलाक़ात के दौरान कई नेताओं के नाम पर चर्चा भी हुई। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी अध्यक्ष अब गांधी परिवार से नहीं होगा।

अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक एतिहासिक फैसला है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जम्मू कश्मीर के लोग मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे। एक विधायक की हैसियत से मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं।