ram janmabhoomi

अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि विवाद पर इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है।

ट्रस्ट निर्माण के लिए अब तक हुई चार बैठकों में कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है। इनमें विहिप से जुड़े राम जन्मभूमि न्यास को मंदिर निर्माण में जिम्मेदारी देना शामिल है। कुल मिलाकर मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महंत नृत्य गोपाल दास और राम जन्मभूमि न्यास के पास होगी।

रामलला के पक्ष में केस लड़ने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरण परिवार संग अयोध्या पहुंचे। अयोध्या पहुंच कर उन्होंने सरयू में स्नान किया। प्रथम पाली में उन्होंने अपनी टीम के साथ रामलला के दर्शन किए

राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है यानी विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन अलग स्थान पर देने को कहा है।

देश के सबसे पुराने केस में आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अयोध्या के रामजन्मभूमि विवाद केस में सबसे बड़ा और अंतिम फैसला आया है कि विवादित स्थल पर ही मंदिर बनेगा। कोर्ट ने राम लला के पक्ष में फैसला सुनाया है।ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक फैसला है।

राम जन्मभूमि विवाद के फैसले को देखते हुए ओरछा के विश्व प्रसिद्ध राम राजा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आपको बता दें, उच्चतम न्यायालय ने आयोध्या मामले के फैसले की पूरी तैयारी कर ली है।

लेकिन इन सबके बावजूद अगर मंदिर निर्माण नहीं शुरू होता है तो बहुसंख्यकों में विभाजन को रोक पाना भाजपा के लिए मुश्किल होगा। इकलौता मंदिर निर्माण ऐसा मुद्दा है जो एक बार फिर बहुसंख्यकों द्वारा बहुमत की सरकार बनाने के मोदी के फार्मूले को दोहरा सकता है।