Ram Mandir Case

जानकारी के मुताबिक, मुस्लिम पक्ष दिसंबर के पहले सप्‍ताह में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर कर सकता है। एआईएमपीएलबी ने कहा कि मामले को आगे बढ़ाने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड का फैसला कानूनी रूप से हमें प्रभावित नहीं करेगा।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है, जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर जगह देने के लिए कहा गया है। यानी सुन्नी वफ्फ बोर्ड को कोर्ट ने अयोध्या में ही अलग जगह जमीन देने का आदेश दिया है। पांच जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से दिया है।

अयोध्या विवाद मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब इस मामले पर फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सरकार ने सभी एनडीए के सांसदों और मंत्रियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने का निर्देश दिया है।

अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले पर नवंबर महीने में अपना फैसला सुना सकती है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने इस मामले की सुनवाई की है।

बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने 40 दिनों तक अयोध्या मामले की लगातार 40 दिन तक सुनवाई की है। अयोध्या मामले का फैसला 4 नवंबर से 17 नवंबर के बीच आने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि सीजेआई गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

दरअसल, बोर्ड के चेयरमैन ने मुकदमा वापस लेने का हलफनामा मध्यस्थता पैनल के सदस्य श्रीराम पंचू को भेजा है। इसी बीच आज सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या मामले की अंतिम सुनवाई शुरू हो गई है।