ratan tata

साल 2020 सभी के लिए काफी बुरा साबित हुआ। इस साल की शुरुआत से ही लगातार कोई न कोई बुरी खबर सामने आ रही है। कोरोना वायरस हो या दिग्गज एक्टर्स की मौत, या फिर भारत-चीन सीमा विवाद सभी ने तमाम जिंदगियों को प्रभावित किया है।

देश के जाने-माने बिजनेसमैन रतन टाटा हर बड़े मुद्दे पर अपनी राय देते हैं, लेकिन इस बार उन्हें एक फेक मैसेज पर आगे आकर सफाई देनी पड़ रही है। मामला कुछ यूं है कि भारत की अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस के असर को लेकर रतन टाटा का एक मैसेज वायरल हुआ।

कोरोना से जंग आज पूरी दुनिया लड़ रही है। दुनिया भर में तबाही मचाने वाले इस वायरस के भारत में अब तक 1037 केस आ चुके हैं। लॉकडाउन के चलते हुए भी आकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। भारत में इस वायरस से मरने वालो की संख्या 25 है।

कोरोना वायरस से जारी भारत की जंग में एक तरफ डॉक्टर, पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी और समाजसेवी हैं जो कोरोना योद्धा बनकर देश की रक्षा कर रहे हैं, तो भीं इस संकट की घड़ी में लोगों का सहारा बनकर कई मददगार हाथ आगे बढ़े हैं।

टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे रतन टाटा ने बताया कि आर्किटेक्‍चर में ग्रेजुएशन करने पर उनके पिता नाराज हो गए। इसीलिए रतन टाटा लॉस एंजेलिस में नौकरी करने लगे।

सरकार की 150 ट्रेनों को निजी क्षेत्र से चलाने की महत्वाकांक्षी योजना में टाटा समूह ने रुचि दिखाई है। इस योजना के बारे में शनिवार को प्रस्तुत किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  जानकारी दी। टाटा समूह के प्रतिनिधियों ने शनिवार को हुई हितधारकों की बैठक में भाग लिया। 

भारत के जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा को TiECON मुंबई 2020 लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। भारत के कॉर्पोरेट वर्ल्ड में मशहूर इन्फोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति ने उन्हें ये अवॉर्ड दिया।

अमित कुमार मुंबई। ये शांतनु नायडू हैं। मुंबई के रहने वाले 27 वर्षीय शांतनु वही शख़्स हैं जिन्हें ख़ुद रतन टाटा ने फ़ोन कर अपना असिस्टेंट बनने का ऑफ़र दिया था। कुछ साल पहले तक शांतनु नायडू स्ट्रीट डॉग्स के लिए काम किया करते थे। आज वो देश के जाने माने उद्योगपति रतन टाटा की …

नुस्ली वाडिया ने प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की सलाह पर रतन टाटा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दर्ज अवमानना का मामला सोमवार को वापस ले लिया। चीफ जस्टिस बोबडे ने वाडिया समूह के चेयरमैन के इस कदम की प्रशंसा की। न्यायमूर्ति बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "हम इसकी प्रशंसा करते हैं।"

पिछले महीने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने टाटा सन्स के चेयरमैन पद से साइ‍रस मिस्त्री के हटाने को अवैध ठहराया था और उन्हें इस पद पर फिर से बहाल करने का आदेश दिया था।