Ravi Shankar Prasad

लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव चरम पर है। चीन की साजिश और चालबाजी की वजह से दुनिया बड़े देश उसके खिलाफ है। इसी का नतीजा है कि चीन को छोड़कर दिग्गज कंपनियां जा रही हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा हमला बोला है। अमेरिकी मीडिया में छपी एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए राहुल ने ये आरोप लगाया है कि इनके नेता फेसबुक और वाट्सएप को नियंत्रित करते हैं।

कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। 12 लाख लोगों को रोजगार मिलने की तैयारी हो गयी। 22 भारतीय और इंटरनेशनल कंपनियों सरकार की 41,000 करोड़ रुपये की उत्पादन से सम्बद्ध प्रोत्साहन योजना (PLI Scheme) में दिलचस्पी दिखाई है।

चाइनीज ऐप को बैन करने के फैसले को उन्होंने चीन पर डिजिटल स्ट्राइक बताया है। उन्होंने कहा कि हमने देश के लोगों को डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन चीनी ऐप्स पर बैन लगाया है।

भारत-चीन विवाद के बीच देश के अंदर राजनीति हल्कों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता जा रहा है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज गुरुवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया और कहा कि  कांग्रेस देश को भटकाने का काम कर रही है। देश हित में नहीं सोच रही है। तो पहले ये बताए

सुशांत सिंह राजपूत की  मौत को 5 दिन हो गए, लेकिन हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर क्या हुआ था इस बेहतरीन एक्टर के साथ जो उन्होंने ये कदम उठा लिया। सुशांत के जाने का गम उनके परिवार पर साफ झलक रहा है। और पूरा बॉलीवुड शोक में है। राजनीति के गलियारों में भी सुशांत के यूं चले जाने से मातम है।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कांग्रेस द्वारा लगातार भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पूछे जा रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि ट्विटर पर ऐसे सवाल नहीं पूछे जाते।

सरकार की ओर से केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जस्टिस मुरलीधर का तबादला सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की सिफारिश पर हुआ, जिसमें पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया।

गुरुवार को संसद में केंद्र सरकार ने कहा कि इंटरनेट का उपयोग संविधान का मौलिक अधिकार नहीं है बल्कि विचार अभिव्यक्ति का एक माध्यम है। बीते दिनों उच्चतम न्यायालय के एक फैसले से भ्रम की स्थिति हो गई थी।

देश की राजधानी में शाहीन बाग में CAA के विरोध में प्रदर्शन कुछ महीनों से चल रहा है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार CAA के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों से बात करने के लिए तैयार हो गई है।