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कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया को बताने से काफी पहले ही चीन की सरकार को वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने के बारे में पता था...

अमेरिका में नवंबर में होने वाले चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मुसीबत बने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन ने भारत-चीन विवाद...

नवंबर में होने वाले चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रहे हैं। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार...

राष्ट्रपति चुनाव नवंबर में होना है और अभी कई महीने का वक्त बचा हुआ है। अगर इस दौरान अर्थव्यवस्था की हालत में सुधार आता है और कोरोना का असर थोड़ा कमजोर पड़ता है तो ट्रंप की स्थिति में सुधार हो सकता है।

अमेरिका में कोरोना संकट और अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के प्रकरण ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी संभावनाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है।

अमेरिका में कोरोना महामारी और पुलिसिया उत्पीड़न में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत ने राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी संभावनाओं पर काफी असर डाला है।

अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन को जब गोरे पुलिस अफ़सर डेरिक चेविन ने अपने घुटने के नीचे दबा रखा था तब वह गिड़गिड़ा रहा था कि ‘मैं साँस नहीं ले पा रहा हूँ’( I can’t breathe)

अश्वेत नागरिक फ्लॉयड की मौत ने अमेरिकी जनता के गुस्से के लिये एक चिंगारी का काम किया तो वहीं राष्ट्रपति ट्रंप की भड़काऊ भाषा ने इन प्रदर्शनों को हिंसक रूप दे दिया। अमेरिकी इतिहास में वर्ष 1968 और वर्ष 2020 के बीच काफी समानताएँ हैं।

अमेरिका में कोरोना से हुई लाखों लोगों की मौत हो रही लेकिन ऐसे में मालूम पड़ता है कि यहां के तमाम शहरों में हो रहे प्रदर्शनकारियों को इससे कोई लेना-देना नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अजीब मुसीबत में फंस गए हैं। अमेरिका के लगभग सभी बड़े शहरों में उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। वाशिंगटन डी.सी. में तो व्हाइट हाउस को हजारों लोगों ने ऐसा घेरा कि ट्रंप डर के मारे अभेद्य बंकर में जा छुपे।