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लॉ की डिग्रीधारी के लिए सरकारी नौकरी पाने का अच्छा मौका है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लॉ क्लर्क कम रिसर्च असिस्टेंट के खाली पदों पर वैकेंसी निकाली है। इसके तहत कुल 30 पदों पर भर्तियां की जाएंग। इस पोस्ट के लिए इच्‍छुक और योग्‍य उम्‍मीदवार ऑफिशियिल वेबसाइट

अगर आपको नौकरी की तलाश है तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल, सूरत नगर निगम (Surat Municipal Corporation) ने सहायक प्रोफेसर के पदों पर वैकेंसी निकाली है।

जो समाज में खाकी वर्दी पहनकर रौब दिखाने के इच्छुक है उनके लिए अवसर है। मतलब ये कि पुलिस डिपार्टमेंट के लिए काम करना चाहते है तो अच्छी खबर है मेघालय पुलिस भर्ती बोर्ड  ने SI, कॉन्स्टेबल और फायरमैन समेत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन मांगा हैं।

ई-रिक्शा ऑपरेटरों की भर्ती के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना ने विज्ञापन जारी किया है। आवेदन करने के लिए सभी योग्य उम्मीदवारों को खाली सफेद कागज पर अपने बायो-डाटा के साथ एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना होगा। इस आवेदन पत्र को जमा करने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2019 है। 

हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (Haryana Staff Selection Commission), (HSSC) ने कई पदों पर भर्तियां निकाली हैं।

युवाओं को अपनी मेहनत को दिखाने का अवसर आ गया है। जीं हां जो युवा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं एलआईसी और एफसीआई उनके लिए बंपर भर्तियों के आवेदन लेके आई है। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने 400 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगा है।

अधिवक्ता मुजीब अहमद सिद्दीकी का कहना है कि याची ने कट आफ मार्क से अधिक अंक प्राप्त किये है। कट आफ मार्क सामान्य श्रेणी 128.62 है और याची ने 131.66 अंक प्राप्त किये है। हर टेस्ट में सफल घोषित किया गया। जब अंतिम परिणाम आया तो याची का नाम सूची में नहीं है।

विधान परिषद् में आज सरकार ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही डिप्लोमा स्तरीय पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों में से 421 पदों पर जल्द ही चयन किया जायेगा।

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर भर्ती में हिन्दी के चार प्रश्नों के उत्तरों को गलत करार दिया है। साथ ही बीएचयू के प्रोफेसरों की रिपोर्ट के आधार पर आयोग को नए सिरे से कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसरों की भर्ती विज्ञापन के खिलाफ याचिका पर केंद्र सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एक माह में जवाब मांगा है।