relationship

प्यार एक खूबसूरत एहसास ही नहीं, बल्कि सेहत पर भी इसका अच्छा असर होता है। हाल में हुई एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि प्यार  की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।

आज हर किसी के जीवन में लव पार्टनर जरूरी सा है। इस लव लाइफ में कई बार ऐसे मौके भी आते हैं, जब जरा सी बात को लेकर प्रॉब्लम आ जाती है और लव लाइफ में खटास पैदा हो जाती है। यदि आप भी अपनी लव लाइफ को बेहतर बनाना चाहते हैं और अपने पार्टनर का भरपूर प्यार पाना चाहते हैं तो

धर्म ग्रंथों में कहा गया  है कि अच्छे काम के लिए बोला गया झूठ सौ सच के बराबर है। ऐसा कहा जाता है कि रिश्ता कोई भी हो वह सच की नींव पर टिका होता है। किसी भी रिश्ते की अच्छी बॉडिंग के लिए उसमें सच्चाई होना बहुत जरूरी है। झूठ की नींव पर टिका रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं चलता है।

किसी भी रिलेशनशिप में उसकी मजबूती के ले लिए प्यार व विश्वास का होना बहुत जरूरी होता है तभी वह टिकाऊ और लंबा चलता है। इसके लिए जरूरी है कि पार्टनर एक-दूसरे का सम्मान करें।  रिश्‍ते में गुस्सा, क्रोध व  कड़वाहट से बचना जरुरी रहता है।

प्यार का रिश्ता बहुत खास होता है। जब हम किसी से बहुत अधिक प्यार करते हैं तो उसे लेकर थोड़ी बहुत इनसिक्योरिटी होना आम बात है। कई बार हमारी अपनी इनसिक्योरिटी ही रिश्ते में जलन की भावना को जन्म देती है।

बच्चों की परवरिश बहुत बड़ा काम है। खासकर सिंगल मदर के लिए अकेले अपने दम पर बच्चे का पालन पोषण कर उसे काबिल बनाना आसान नहीं है, मगर वह हिम्मत से काम लें तो न केवल अपने सफल होती है बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनती है।

सान चाहे किसी भी क्षेत्र का हो,एक चीज जो सबके  साथ कॉमन रहती वो है प्यार, जो उसकी कामयाबी में चार चांद लगाती है। प्यार करना प्यार में पडना खुश रहने के लिए उतना ही जरूरी है जितना जीने के लिए हवा। ये प्यार कभी भी किसी से कही भी हो सकता है।

 जब तक लड़के-लड़की की शादी नहीं होती है तब तक सब उनकी शादी के लिए परेशान रहते है। जब शादी हो जाती है तो सबके पास एक ही सवाल होता है। गुड न्यूज कब सुना रहे हो। अनजान लोगों को तो नजरअंदाज किया जा सकता है इस सवाल पर , लेकिन अपनों को नहीं।

ये साल शादियों के लग्न के हिसाब से बहुत बढ़िया है। लेकिन कोरोना ने  उनपर भी असर छोड़ दिया है फिर भी शादियां हो रही है। इस साल  बहुत शादियां होने वाली है और कुछ दिनों में तक शादियां होने वाली है। शादियों में उपहारों का लेन-देन लगा रहता है।

होम क्वारंटीन उन लोगों के लिए सकून का शब्द हो सकता है, जिनके आशियाने में कमरे ही कमरे हों। लेकिन शहर से लेकर गांव तक जैसे-तैसे जिंदगी गुजार रहे लोगों के लिए प्रशासन का होम क्वारंटीन का फरमान 'काला पानी' की सजा से कम नहीं है। सैकड़ों किलीमीटर पैदल चल कर घर पहुंच रहे