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एक समय की बात है जब श्री राम ने रावण का वध कर सीता के साथ अयोध्या आए। अयोध्या को एक दुल्हन की तरह से सजाया गया और उत्सव मनाया गया। उत्सव मनाया जा रहा था तभी सीता जी को यह ख्याल आया की वनवास जाने से पूर्व मां सरयु से वादा किया था

हम सभी जानते हैं कि युगों पहले हमारे ऋषि त्रिकालदर्शी थे। वो लोग भूत, भविष्य और वर्तमान देख लेते थे। आपको नहीं लगता है कि आज के समय में वही काम आपका कम्प्यूटर आपके लिए कर रहा है। बस एक क्लिक में आप किसी का भी भूत, भविष्य और वर्तमान का पता कर लेते हैं।

जगन्नाथ को भगवान विष्णु का अवतार मान गया है। रथ यात्रा इस महीने आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 4 जुलाई 2019 को है।रथयात्रा में नारायण या शालीग्राम की पूजा और आरती का भी विधान है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की पूजा में भोग भी विशेष महत्व है। चाहें तो रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ को भोग के लिए नारियल भी चढ़ा सकते हैं।

सूर्योदय – 05:42:42, सूर्यास्त – 18:54:53, तिथि – दशमी – 22:05:54 तक, नक्षत्र – शतभिषा – पूर्ण रात्रि तक, पक्ष – कृष्ण,वार – सोमवार, राहु काल – 07:21:43 से 09:00:44 तक, शुभ समय – 11:52:23 से 12:45:12 तक

भैरव जी की पूजा व भक्ति से भूत, पिशाच एवं काल भी दूर रहते हैं। सच्चे मन से जो इस भैरव जी की पूजा करता है और शुद्ध मन से उपवास करता है, उनके सभी कष्ट कट जाते हैं। साथ ही रुके हुए कार्य अपने आप बनते चले जाते हैं।

जयपुर: रथयात्रा के पूजा में भगवान जगन्नाथ जी की पूजा और आरती का विशेष महत्व है। जगन्नाथ को भगवान विष्णु का अवतार मान गया है। रथ यात्रा इस महीने आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 14 जुलाई 2018 को है।रथयात्रा में नारायण या शालीग्राम की पूजा और आरती का भी विधान है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की …

जयपुर: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के भीतर और उसके आसपास की ऊर्जा हमें प्रभावित करती है। हमारी उन्नति और दुर्गति का कारण बनती है। यह भी पढ़ें…ये तीन मंत्र करते हैं करोड़पति बनने की राह आसान, आप भी आजमा सकते हैं एकबार *वास्तु के अनुसार जहां शराब की दुकानें होतीं हैं वहां नकात्मक ऊर्जा …

जयपुर: गुरु-पुष्य योग साल में बहुत कम बनता है। यह योग तब बनता है जब देव गुरु बृहस्पति नक्षत्रों के राजा पुष्य में प्रवेश करते हैं। यह शुभ योग जब गुरूवार को पड़ता है तो बहुत शुभ हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि इस शक्तिशाली योग में जो भी कार्य किए …

जयपुर: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी या आंवला नवमी कहते हैं। इस दिन स्नान, पूजन, अन्न दान करने से हर मनोकामना पूरी होती है। अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विधान है। ऐसे करें पूजन आंवला नवमी के दिन सुबह स्नान कर दाहिने हाथ में …

जयपुर:गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्लपक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस साल गोवर्धन पूजा 20 अक्टूबर दीवाली के दूसरे दिन है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र की पूजा करने के बजाय गोवर्धन की पूजा की थी। इस दिन मान्यता …