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माह-चैत्र, तिथि-एकादशी, नक्षत्र- अश्लेषा, दिन-शनिवार, पक्ष- शुक्ल, सूर्योदय-06.20, सूर्यास्त-18.40 जानते हैं आज 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा।

माह-चैत्र, दिन-शुक्रवार, तिथि-दशमी, पक्ष- शुक्ल, नक्षत्र- पुष्य, सूर्योदय-06.20, सूर्यास्त-18.40। कैसा रहेगा आज का दिन जानिए राशिफल..

माह- चैत्र, तिथि-नवमी , नक्षत्र-पुनर्वसु,पक्ष- शुक्ल, दिन-बृहस्पतिवार, सूर्योदय-06.20, सूर्यास्त-18.40। जानिए कैसा रहेगा रामनवमी का दिन..

नवरात्रि में भी जिस ग्रह की शांति के लिये पूजा की जा रही है। उसके बीज मंत्रों का जाप कर संबंधित ग्रह के कवच एवं अष्टोत्तरशतनाम का पाठ भी करें। नवरात्रि के पश्चात दशमी के दिन यंत्र की पूजा कर इसे पूजा स्थल में स्थापित करना चाहिये व नियमित रूप से इसकी पूजा करनी चाहिये। ग्रहों की शांति के लिए  यह विशेष पूजा किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य से ही करवानी चाहिए।

कोविड-19 अभी सारी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। दुनियाभर में लोग चिंतित व परेशान हैं, आज की स्थिति इतनी भयावह है कि  किसी को नहीं पता क्या करना है। ऐसी स्थिति में अपने आप से यह पूछना आवश्यक हो जाता है कि

माह-चैत्र, तिथि-पंचमी, पक्ष-शुक्ल, दिन-रविवार नक्षत्र-कृत्तिका, -सूर्योदय-06.20, सूर्यास्त-18.42। जानिए 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा रविवार का दिन

आज चैत्र शुक्ल तृतीया का पावन पर्व हैं जिसे गौरी तीज या गणगौर के रूप में जाना जाता हैं। ‘गण’ का अर्थ है शिव और ‘गौर’ का अर्थ पार्वती है। इस दिन को सौभाग्य तीज के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन सुहागन महिलाएं अपने सुहाग के प्यार के लिए और अविवाहित लड़कियां अच्छे वर के लिए यह व्रत रखती हैं।

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। मां चंद्रघंटा 9 रूपों में से एक है। ये तीसरा स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र बना हुआ है। इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। नवरात्रि का तीसरा दिन अत्यधिक महत्व का माना जाता है।

  माह-चैत्र, दिन-बृहस्पतिवार, तिथि- द्वितीया, पक्ष-शुक्ल, नक्षत्र-रेवती/ अश्विनी, सूर्योदय-06.20,सूर्यास्त-18.42। किसी भी राशि के जातक घर से निकलने से बचें, परिस्थितियां अनुकूल धीरे-धीरे बन रही है,  तब तक घरों  में ही रहें, और अपनी  और अपने परिवार की सेहत का ख्याल रखिए, ये हम  नहीं ग्रहों की का निर्देश हैं, जानिए आज कैसा रहेगा 12 राशियों का हाल...

चैत्र माह की कृष्ण पक्ष को शीतला माता की पूजा की जाती है। इस बार शीतला अष्टमी 16 मार्च यानि आज है। इस पर्व को बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक मां शीतला की आराधना से कई तरह के दुष्प्रभावों से मुक्ति दिलाती हैं। ऐसी मान्यता है माता शीतला का व्रत रखने से तमाम तरह की बीमारियां दूर हो जाती है।