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माह – आश्विन,तिथि – एकादशी , पक्ष – कृष्ण,वार – रविवार,नक्षत्र – पुनर्वसु ,सूर्योदय – 06:08, सूर्यास्त – 18.30,जानें कैसा रहेगा आज का दिन । 12 राशियों के जीवन में क्या उतार-चढ़ाव लेकर आ रहा है रविवार।

वहीं रिश्तों में होता है। खासकर  पति-पत्नी के बीच के रिश्तों में ज्यादा।कुत्ते-बिल्लीयों की तरह लड़ने वाले पति-पत्नी में जितना प्यार होता है उतना ही तकरार भी।लेकिन ये छोटे-मोटे मतभेद आगे जाकर अलगाव की वजह भी बनते हैं

जीवन में उर्जा और रोशनी का माध्यम है सूर्य है। सूर्य हमें अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने का काम करता है इसलिए हमें हर रोज सुबह सूर्य को अर्ध्य देना चाहिए

विक्रमी संवत् 2077, पक्ष कृष्ण, तिथि प्रतिपदा / प्रतिपदा, नक्षत्र पू.भा. सूर्योदय प्रातः 06बजकर 10 मिनट, सूर्यास्त सायं 06 बजकर 043 मिनट, जानें कैसा रहेगा गुरुवार का दिन…

इस बार 1 सितंबर को अंनत चतुर्दशी है।अनंत भगवान की पूजा करने और व्रत रखने से हमारे सभी कष्ट दूर होते हैं। इस दिन संकटों से सबकी रक्षा करने वाला अनंतसूत्र बांधा जाता है, इससे सभी कष्टों का निवारण होता है।

मथुरा के अरति गांव के पास राधा-कृष्ण कुंड है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने जब गायों के झुंड में गाय बनकर घुसे एक राक्षस का वध किया तो उन्हें गौहत्या का दोष लगा। इस दोष को दूर करने के लिए नारद मुनि से पूछा तो उन्होंने उपाय बताया कि एक कुंड का निर्माण करो जिसमें सभी तीर्थों को आने का आमंत्रण दो।

आज का मानव किसी न किसी रुप में परेशान है। कोई आर्थिक कमी से जूझ रहा है तो किसी के घर में कलेश है। यही नहीं कारोबार, नौकरी और अन्य प्रकार की ऐसी कई परेशानियां है, जिनसे व्यक्ति जूझ रहा है। ज्योतिषीय नजरिए से देखें तो मानव की हर परेशानी के लिए उसके अपने ग्रहों की चाल है।

रुद्राक्ष को अक्सर भगवान शिव की उपासना के लिए माना जाता है। रुद्राक्ष धारण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते है ये सत्य है। लेकिन क्या आप ये जानते है कि बारह मुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है।बारह मुखी रुद्राक्ष के देवता सूर्य हैं। बारह मुखी रुद्राक्ष सूर्य व्यक्ति को शक्तिशाली तथा तेजस्वी बनाता है।

सावन मास को समाप्त हुए 15 दिन हो गए है अभी भाद्रमास का कृष्णपक्ष चल रहा है। धर्म ग्रंथों में भाद्रमास का बहुत महत्व है। शास्त्रों में इसे कल्याणकारी है। कहते है कि नियमों का पालन कर इस मास में गलतियों का प्रायश्चित भी कर सकते हैं। भाद्र, भद्र से बना है जिसका अर्थ है अच्छा व सभ्य।

मंगलवार,  विक्रमी संवत् 2077, पक्ष कृष्ण, तिथि चुतर्दशी, नक्षत्र अश्लेषा, सूर्योदय प्रातः 05 बजकर 59 मिनट, सूर्यास्त सायं 07 बजकर 03 मिनट। जानें कैसा रहेगा मंगलवार का दिन....