repo rate

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने गुरुवार को मौजूदा वित्त वर्ष की छठीं और अंतिम मौद्रिक नीति का एलान किया है, लेकिन रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की।

भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव की जरूरत है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में RBI ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है।

आरबीआई ने रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की है। ये फैसला आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPS) की बैठक में लिया गया है। इसी के साथ ही रेपो रेट अभी भी 5.15 फीसदी पर बरकरार है।

आरबीआई ने दीपावली में लोगों का बड़ा तोहफा दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दरों में कटौती करके लोगों को ये गिफ्ट दिया है। इसमें रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट मतलब की 4% तक की कटौती की गई है।

आरबीआई ने भी 4 सितंबर को सभी बैंकों को रिटेल, पर्सनल और एमएसएमई लोन को रेपो रेट से जोड़ने के लिए कहा था। कई बैंकों ने इसे जोड़ना भी शुरू कर दिया था। इसमें एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक आदि शामिल है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में आम जनता को बड़ी राहत दी गई है। इस बैठक के बाद 35 बेसिस प्‍वाइंट(रेपो रेट) की कटौती की घोषणा की गई है। इस कटौती के बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी पर आ गया है। इससे पहले रेपो रेट की दर 5.75 फीसदी थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश की जनता को एक बार फिर तोहफा दिया है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्वाइंट की कमी का ऐलान किया। इस कमी के बाद रेपो रेट घटकर 5.75 फीसदी रह गया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए वित्त वर्ष की पहली क्रेडिट पॉलिसी जारी करते हुए रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है। ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई है। इसके साथ ही रेपो रेट 6.25 फीसदी से गिरकर 6 फीसदी पर आ गया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने गुरुवार को अपनी छठी मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा कर दी। आरबीआई ने रेपो रेट 6.5 से घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है जबकि रिवर्स रेपो रेट भी घटाकर 6.00 प्रतिशत कर दिया गया है।