retail inflation

महंगाई पर लगाम लगाने में सरकार फेल होती दिखाई दे रही है, क्योंकि दिसंबर महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.35 प्रतिशत पर हो गई है। जबकि नवंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत थी। एक महीने में महंगाई दर में 1.81 प्रतिशत का भारी उछाल आया है।

भारत में अक्टूबर महीने में थोक महंगाई दर में मामूली कमी आई है। सितंबर महीने के मुकाबले अक्टूबर में थोक महंगाई 0.33 फीसदी से घटकर 0.16 फीसदी पर आ गई है। आकड़े बता रहे कि एक साल पहले अक्टूबर महीने में महंगाई दर 5.54 फीसदी पर थी।

अक्टूबर महीने में तेजी से खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.62% हो गई, वहीं सितंबर में यह दर 3.99 फीसदी थी। बता दें कि अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 15 महीनों में सबसे ज्यादा रही, यह RBI के 4 फीसदी मीडियम टर्म टारगेट से ज्यादा हो गई है।

खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में बढ़कर 2.92 प्रतिशत हो गयी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़े के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इससे पिछले महीने 2.86 प्रतिशत तथा एक साल पहले अप्रैल 2018 में 4.58 प्रतिशत पर थी।

नई दिल्ली: खाद्य पदार्थो, ईंधन और आवास की कीमतों में वृद्धि से अक्टूबर में भारत की वार्षिक खुदरा मुद्रास्फीति की दर ऊंची रही। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.58 फीसदी हो गई, जो सितंबर में 3.28 फीसदी थी। …

नई दिल्लीः थोक और खुदरा महंगाई दरों में उछाल के ताजा आंकड़ों के बीच डीजल की कीमत में 1 रुपए 25 पैसे प्रति लीटर की और बढ़ोतरी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में और आग लगा सकती है। पेट्रोल की कीमत में सिर्फ 5 पैसे की बढ़ोतरी को भले ही आम आदमी खुद के लिए …